पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के स्थानांतरण और समायोजन की प्रक्रिया अब एक अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। राज्य के 26 जिलों में करीब 42 हजार सरप्लस शिक्षकों के स्थानांतरण की औपबंधिक सूची शिक्षा विभाग ने जारी कर दी है। खास बात यह है कि जिन शिक्षकों ने समायोजन के लिए विद्यालयों का विकल्प दिया था, उन्हें उनके विकल्प में शामिल स्कूलों में ही स्थानांतरण मिला है। यानी शिक्षकों द्वारा चुने गए स्कूलों में से ही उन्हें नया विद्यालय आवंटित किया गया है।

शिक्षा विभाग की ओर से जारी इस औपबंधिक सूची के बाद अब शिक्षकों को अपने स्थानांतरण से जुड़ी किसी भी तरह की गलती या आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन आपत्तियां ली जाएंगी। विभाग प्राप्त आपत्तियों की जांच करेगा और उनका निराकरण करने के बाद अंतिम स्थानांतरण सूची जारी की जाएगी।

26 जिलों के बाद अब 12 जिलों की बारी

सरप्लस शिक्षकों के समायोजन के लिए पहले चरण में राज्य के 26 जिलों में स्थानांतरण की औपबंधिक सूची जारी की गई है। वहीं, पटना समेत 12 जिले अभी इस प्रक्रिया में बाकी हैं। इन जिलों के सरप्लस शिक्षकों के समायोजन के लिए भी स्थानांतरण की औपबंधिक सूची जल्द जारी किए जाने की तैयारी है।

इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में इन जिलों के हजारों शिक्षकों के लिए भी अपने नए विद्यालय की स्थिति साफ हो जाएगी। विभाग की पूरी कोशिश है कि सरप्लस शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी कर ली जाए।

30 स्कूलों का देना था विकल्प

शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग ने पहले ही स्पष्ट व्यवस्था बनाई थी। प्रत्येक सरप्लस शिक्षक से 30 विद्यालयों का विकल्प मांगा गया था। इसी विकल्प के आधार पर शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

शिक्षा विभाग के अनुसार, राज्य के सरकारी विद्यालयों में करीब 1 लाख 2 हजार शिक्षक सरप्लस की स्थिति में हैं। इनमें कक्षा 1 से 5, कक्षा 6 से 8, कक्षा 9-10 और कक्षा 11-12 के शिक्षक शामिल हैं। सरप्लस शिक्षकों की संख्या अधिक होने के कारण विभाग ने चरणबद्ध तरीके से समायोजन की प्रक्रिया शुरू की है। इसका उद्देश्य ऐसे विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या को संतुलित करना है, जहां आवश्यकता के मुकाबले शिक्षक अधिक हैं।

71 हजार से ज्यादा शिक्षकों ने किया था आवेदन

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 28 अगस्त को बताया था कि सरप्लस शिक्षकों में से 71,151 शिक्षकों ने समायोजन के लिए स्थानांतरण का ऑनलाइन आवेदन किया था। ये आवेदन ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से लिए गए थे।इनमें से करीब 37 हजार शिक्षकों को उनके पहले से पांचवें विकल्प तक के मनपसंद विद्यालय मिल चुके हैं। बताया गया कि इन शिक्षकों में बड़ी संख्या महिला शिक्षकों की है।

ऐसे में औपबंधिक सूची जारी होने के बाद अब उन शिक्षकों की नजरें अंतिम सूची पर टिकी हैं, जिन्हें उनका पसंदीदा या विकल्प वाला विद्यालय मिला है। हालांकि, औपबंधिक सूची में किसी तरह की त्रुटि होने पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर भी दिया जाएगा।

पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया भी साथ चली

सरप्लस शिक्षकों के समायोजन के साथ ही शिक्षा विभाग ने पारस्परिक स्थानांतरण के लिए भी शिक्षकों से आवेदन लिए थे। यानी ऐसे शिक्षक जो आपसी सहमति के आधार पर विद्यालय बदलना चाहते हैं, उन्हें भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है। अब विभाग का अगला फोकस सामान्य स्थानांतरण प्रक्रिया पर है। इसके लिए 17 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। सामान्य स्थानांतरण के इच्छुक शिक्षक निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकेंगे।

31 अक्टूबर तक पूरी होगी ट्रांसफर प्रक्रिया

शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण से जुड़े सभी मामलों के निष्पादन के लिए समयसीमा भी तय कर रखी है। विभाग की तैयारी है कि 31 अक्टूबर तक स्थानांतरण से जुड़े सभी मामलों का निष्पादन कर दिया जाए। इस तरह अगले डेढ़ महीने में बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती और पदस्थापन की तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है। सरप्लस शिक्षकों के समायोजन, पारस्परिक स्थानांतरण और सामान्य स्थानांतरण—तीनों प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद स्कूलों में शिक्षक उपलब्धता का नया संतुलन तैयार होगा।

फिलहाल 26 जिलों के करीब 42 हजार शिक्षकों के लिए औपबंधिक सूची जारी होना बड़ी अपडेट है। अब शिक्षकों को आपत्ति दर्ज कराने के मौके और अंतिम सूची का इंतजार है। वहीं, पटना समेत बाकी 12 जिलों के शिक्षक भी अपनी औपबंधिक सूची जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।