Bihar PNG scheme : LPG संकट के बीच बिहार में बड़ा धमाका! अब पाइप से मिलेगी गैस, 24 घंटे में PNG कनेक्शन का आदेश जारी BIHAR NEWS : गांधी मैदान से सीधे ललन सिंह के घर पहुंचे निशांत, 15 मिनट की बंद कमरे में बैठक से बिहार की राजनीति गरम Bihar News : DM को गुमराह, फिर गिरफ्तारी… और थाने से फरार! पुलिस कस्टडी से भागा माइनिंग इंस्पेक्टर,अवैध बालू खनन सिंडिकेट पर बड़ा खुलासा Bihar news : बिहार सरकार का बड़ा फैसला: अब नहीं लगेगा 21 दिन! बिहार में 24 घंटे में मिलेगा Death Certificate; इस वजह से हुआ बदलाव Patna Eid Namaz 2026 : बदली परंपरा: 20 साल में पहली बार ईद पर गांधी मैदान नहीं पहुंचे नीतीश कुमार, निशांत की एंट्री BIHAR NEWS : पटना में ‘मिट्टी पर बना पुल’ भरभराकर गिरा! घटिया निर्माण ने ली मजदूर की जान, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा Free Ration : अप्रैल में मिलेगा तीन महीने का तिगुना राशन! केंद्र ने राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी घोषणा Bihar teacher transfer : बिहार में शिक्षक ट्रांसफर का बड़ा अपडेट! 5.87 लाख शिक्षकों के तबादले पर रोक, जल्द होने जा रहा यह काम Bihar weather : बिहार में ईद के दिन आफत की बारिश, गरज-तड़क और ओले – 4 लोगों की मौत बिहार में शराबबंदी कानून का माखौल उड़ा रही खाकी, दारोगा का शराब के साथ वीडियो वायरल; जांच के आदेश
21-Mar-2026 07:11 AM
By First Bihar
Bihar teacher transfer : बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत लाखों शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और संतुलन बनाने के लिए शिक्षकों के स्थानांतरण (ट्रांसफर) की पूरी प्रक्रिया बदलने का फैसला किया है। नई नीति के तहत पहली बार ‘शिक्षक-छात्र अनुपात’ को आधार बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर स्कूल में पर्याप्त और संतुलित संख्या में शिक्षक मौजूद हों और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
5.87 लाख शिक्षकों पर पड़ेगा असर
नई नीति लागू होने के बाद राज्य के लगभग 5.87 लाख शिक्षकों के ट्रांसफर पर इसका सीधा असर पड़ेगा। यह व्यवस्था बिहार के 71 हजार प्राथमिक स्कूलों और 9360 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लागू की जाएगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि इससे न केवल शिक्षक वितरण संतुलित होगा, बल्कि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी को भी दूर किया जा सकेगा।
‘मानक मंडल’ तय करेगा स्कूल में शिक्षकों की संख्या
नई प्रक्रिया के तहत प्रत्येक स्कूल में शिक्षकों की संख्या तय करने के लिए ‘मानक मंडल’ बनाया जाएगा। यह मंडल यह निर्धारित करेगा कि किसी स्कूल में कितने शिक्षक होने चाहिए। इसी आधार पर शिक्षकों के ट्रांसफर किए जाएंगे। इस प्रक्रिया को ‘समानुपातिकरण’ कहा जा रहा है। इसके जरिए शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि सभी स्कूलों में शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
नई नीति बनाने के लिए गठित की गई कमेटी
राज्य सरकार ने नई ट्रांसफर पॉलिसी तैयार करने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी के अध्यक्ष शिक्षा सचिव होंगे। इसके अलावा इसमें प्राथमिक शिक्षा निदेशक, कोशी प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, बिहार शिक्षा परियोजना के अधिकारी और माध्यमिक शिक्षा निदेशक को सदस्य बनाया गया है। कमेटी को निर्देश दिया गया है कि वह 15 दिनों के भीतर नई नीति का ड्राफ्ट तैयार कर शिक्षा विभाग को सौंपे। इस संबंध में आदेश शिक्षा विभाग के उप सचिव अजय सतीश भंगरा के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।
नई नीति लागू होने तक ट्रांसफर पर रोक
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई नीति लागू होने तक शिक्षकों के स्थानांतरण पर रोक रहेगी। इसका मतलब है कि फिलहाल सभी ट्रांसफर प्रक्रियाएं रुकी रहेंगी। प्रस्तावित नीति राज्य के सभी राजकीय और राजकीयकृत प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों पर लागू होगी।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की बड़ी कोशिश
सरकार का मानना है कि इस नई नीति से जहां शिक्षकों का सही वितरण होगा, वहीं छात्रों को बेहतर शिक्षा का लाभ भी मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षक-छात्र अनुपात पर आधारित ट्रांसफर नीति से शिक्षा में समानता और गुणवत्ता दोनों बढ़ेंगी।
अब सभी की नजर इस पर टिकी है कि कमेटी कैसी नीति तैयार करती है और इसे कब तक लागू किया जाता है। शिक्षा विभाग का कहना है कि नई नीति के लागू होने के बाद बिहार में शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे और शिक्षक संसाधनों का अधिक न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित होगा।