BIHAR TEACHER : बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में कार्यरत करीब छह लाख शिक्षकों के प्रोफाइल को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपडेट करने का अभियान शुरू किया गया है। शिक्षा विभाग ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 5 जून तक की अंतिम समय-सीमा निर्धारित की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों का प्रोफाइल अभी तक अद्यतन नहीं हुआ है, उनके लिए यह अंतिम अवसर माना जाएगा।


शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना) को इस कार्य की जिम्मेदारी सौंपी है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में सभी शिक्षकों का प्रोफाइल निर्धारित समय के भीतर अपडेट कराना सुनिश्चित करें।


विभागीय जानकारी के अनुसार ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षक प्रोफाइल के अंतर्गत कुल 54 अनिवार्य जानकारियां दर्ज करनी होंगी। इनमें शिक्षक के पंजीकरण संबंधी विवरण, पदस्थापन की जानकारी, व्यक्तिगत सूचनाएं, स्थायी पता और वर्तमान पते से जुड़ी जानकारियां शामिल हैं। यदि किसी शिक्षक के पंजीकरण, सेवा विवरण या व्यक्तिगत जानकारी में कोई त्रुटि पाई जाती है तो संबंधित शिक्षक को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को लिखित आवेदन देना होगा। आवेदन मिलने के बाद सत्यापन कर 48 घंटे के भीतर आवश्यक सुधार किया जाएगा।


शिक्षा विभाग के अनुसार लगभग 75 प्रतिशत शिक्षकों के स्थायी पते पहले से ही पोर्टल पर दर्ज हैं। शिक्षक अपने लॉगिन आईडी के माध्यम से इन जानकारियों की जांच कर सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर जिला, प्रखंड, पंचायत, डाकघर, पिन कोड, गांव, वार्ड संख्या तथा मकान संख्या जैसी जानकारियों में संशोधन भी कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें आवासीय प्रमाण-पत्र संख्या दर्ज कर प्रमाण-पत्र की प्रति पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।


इधर, राज्य में बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक क्षमता को मजबूत करने के लिए सोमवार से बड़े स्तर पर समर कैंप का आयोजन शुरू किया जा रहा है। बिहार के करीब 80 हजार गांवों और टोलों में पांचवीं और छठी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए विशेष समर कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य बच्चों को भाषा और गणित विषय में दक्ष बनाना है।


शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार प्रत्येक कैंप में एक स्वयंसेवक बच्चों को पढ़ाएगा। इस प्रकार राज्यभर में करीब 80 हजार स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। प्रत्येक स्वयंसेवक के जिम्मे 10 से 15 बच्चों का समूह होगा। ये स्वयंसेवक असर (ASER) टूल्स की मदद से रोजाना लगभग डेढ़ घंटे तक बच्चों को पढ़ाएंगे।


समर कैंप में शिक्षा सेवक, तालीमी मरकज के शिक्षा सेवक और विभिन्न मध्य विद्यालयों से चयनित स्वयंसेवक अपनी सेवाएं देंगे। प्रत्येक मध्य विद्यालय से दो से तीन स्वयंसेवकों का चयन किया गया है, जो निःशुल्क बच्चों को शिक्षण कार्य में सहयोग करेंगे। सभी स्वयंसेवकों को पहले ही विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है ताकि वे बच्चों को प्रभावी तरीके से पढ़ा सकें।


विभाग ने बच्चों की संख्या और उनके निवास स्थान को ध्यान में रखते हुए कैंप स्थलों का चयन किया है। 30 जून तक चलने वाले इन शिविरों में केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि खेलकूद, कहानी सुनाना, पठन-पाठन और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की सीखने की क्षमता को विकसित किया जाएगा।


शिक्षा विभाग का मानना है कि यह पहल बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक कमजोरियों को दूर करने और नई शिक्षा सत्र की बेहतर तैयारी कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं शिक्षकों के प्रोफाइल अपडेट होने से विभाग के पास राज्य के सभी शिक्षकों का सटीक और अद्यतन डाटा उपलब्ध रहेगा, जिससे प्रशासनिक कार्यों में भी आसानी होगी।