Bihar Teacher News: बिहार के सरकारी स्कूलों में बिना सूचना लंबे समय तक गायब रहने वाले शिक्षकों पर शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है. बांका जिले में अब कोई भी शिक्षक लगातार तीन दिनों तक बिना पूर्व सूचना के स्कूल से अनुपस्थित रहता है, तो उसके लिए दोबारा ड्यूटी ज्वाइन करना आसान नहीं होगा. ऐसे शिक्षकों को विद्यालय में योगदान देने से पहले जिला शिक्षा कार्यालय से अनुमति लेनी होगी. विभाग ने कार्रवाई करते हुए लंबे समय से गायब 62 शिक्षकों का एचआरएमएस और ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर डेटा ब्लॉक कर दिया है. इसके बाद उनके वेतन और अन्य सरकारी लाभों के भुगतान पर रोक लग गई है.


जिला शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की मनमानी उपस्थिति पर लगाम लगाने के लिए यह कदम उठाया है. नए निर्देश के अनुसार, यदि कोई शिक्षक बिना पूर्व सूचना लगातार तीन दिनों या उससे अधिक समय तक विद्यालय से अनुपस्थित रहता है, तो संबंधित प्रधानाध्यापक को इसकी जानकारी तुरंत प्रखंड और जिला शिक्षा कार्यालय को देनी होगी. ऐसे शिक्षकों को प्रधानाध्यापक अपने स्तर से दोबारा योगदान कराने की अनुमति नहीं दे सकेंगे. विद्यालय लौटने पर उन्हें जिला शिक्षा कार्यालय से विधिवत अनुमति लेनी होगी.


62 शिक्षकों का पोर्टल पर डेटा ब्लॉक

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) संजय कुमार यादव ने बताया कि जिले में लंबे समय से बिना किसी सूचना के विद्यालय से गायब रहने वाले 62 शिक्षकों की पहचान की गई है. इन सभी का एचआरएमएस (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) अकाउंट और ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर डेटा ब्लॉक कर दिया गया है. इस कार्रवाई के बाद संबंधित शिक्षकों के वेतन और अन्य सरकारी लाभों के भुगतान पर रोक लग गई है.


विभागीय जांच में सामने आया है कि इनमें कई शिक्षक ऐसे हैं, जो महीनों से बिना किसी सूचना के स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं. कुछ शिक्षकों के बारे में बीमारी और दुर्घटना की जानकारी मिली है, जबकि कुछ के लंबे समय से लापता होने की बात सामने आई है. विभाग इन सभी मामलों की अलग-अलग जांच कर रहा है, ताकि अनुपस्थिति की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके.


झारखंड में नौकरी करने वाले शिक्षकों का भी खुलासा

शिक्षकों के सेवा रिकॉर्ड की जांच के दौरान दोहरी नौकरी से जुड़े मामले भी सामने आए हैं. विभागीय जांच में पता चला है कि बांका जिले के कुछ शिक्षकों ने झारखंड में सरकारी नौकरी हासिल कर वहां योगदान भी दे दिया है. इसके बावजूद उन्होंने बिहार के सरकारी स्कूलों से अपना औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया.


बताया जा रहा है कि झारखंड में नौकरी ज्वाइन करने के बाद भी इन शिक्षकों ने बांका में अपनी पुरानी सेवा का रिकॉर्ड बरकरार रखा था. अब शिक्षा विभाग ऐसे शिक्षकों के सेवा रिकॉर्ड की जांच कर रहा है. साथ ही उनके खिलाफ सेवा समाप्ति की वैधानिक प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है.


डीपीओ स्थापना संजय कुमार यादव ने स्पष्ट किया है कि कोई भी शिक्षक बिना पूर्व सूचना लगातार तीन दिनों तक अनुपस्थित रहता है, तो प्रधानाध्यापक को इसकी जानकारी तत्काल जिला कार्यालय को देनी होगी. संबंधित शिक्षक के वापस लौटने पर जिला शिक्षा कार्यालय की अनुमति के बाद ही उसे विद्यालय में दोबारा योगदान करने दिया जाएगा.


फिलहाल विभाग ने 62 शिक्षकों का डेटा ब्लॉक कर उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है. साथ ही अन्य संदिग्ध मामलों की भी जांच की जा रही है. शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से लंबे समय से बिना सूचना स्कूल से गायब रहने वाले शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.