Bihar Teacher News: बक्सर में शिक्षकों को मिलने वाले मकान किराया भत्ता यानी HRA को लेकर शिक्षा विभाग ने नया निर्देश जारी किया है. अब अवर्गीकृत शहरों में पदस्थापित शिक्षकों को शहर की सीमा से 8 किलोमीटर के दायरे में स्थित विद्यालयों में तैनाती होने पर HRA का लाभ नहीं मिलेगा. ऐसे शिक्षकों को सिर्फ संबंधित अवर्गीकृत शहर की परिधि के अंदर ही आवास भत्ता दिया जाएगा.


वहीं, वर्गीकृत शहरों के मामले में नियम अलग रहेगा. वर्गीकृत शहर की सीमा से 8 किलोमीटर के दायरे में स्थित विद्यालयों में पदस्थापित शिक्षकों को भी निर्धारित दर पर HRA का लाभ दिया जा सकेगा. इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को स्पष्ट निर्देश जारी किया है.


जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि जुलाई 2026 की अनुपस्थिति विवरणी संशोधित HRA दरों के अनुसार तैयार की जाए. इसके बाद संबंधित विवरणी जल्द जिला शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.


विभाग ने साफ किया है कि शिक्षकों को आवास भत्ता का भुगतान निर्धारित नियमों और पात्रता के आधार पर ही किया जाए. किसी शिक्षक को नियम से अधिक या गलत दर पर HRA का भुगतान नहीं होना चाहिए.


शिक्षा विभाग ने HRA की गणना और भुगतान को लेकर प्रधानाध्यापकों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की है. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने चेतावनी दी है कि अनुपस्थिति विवरणी में मकान किराया भत्ता की दरों में किसी तरह की विसंगति पाई गई तो संबंधित प्रधानाध्यापक और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.


जिला शिक्षा कार्यालय का कहना है कि इस निर्देश का उद्देश्य शिक्षकों को नियमानुसार सही दर पर आवास भत्ता उपलब्ध कराना है.


जारी आदेश के अनुसार बक्सर जिला मुख्यालय वर्गीकृत शहर की श्रेणी में आता है. यहां पदस्थापित शिक्षकों को मूल वेतन का 10 प्रतिशत मकान किराया भत्ता देय होगा.


वहीं, अवर्गीकृत शहरों में कार्यरत शिक्षकों के लिए HRA की दर 7.5 प्रतिशत निर्धारित की गई है. जिले में डुमरांव, ब्रह्मपुर, इटाढ़ी और चौसा नगर पंचायत को अवर्गीकृत शहरों की श्रेणी में रखा गया है.


जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से जारी पत्र में बिहार राज्य कर्मचारी (मकान किराया भत्ता) नियमावली, 1980 के नियम 4(ख)(ii) का हवाला दिया गया है.


इसके अनुसार बक्सर नगर परिषद की सीमा से 8 किलोमीटर की परिधि में स्थित विद्यालयों में पदस्थापित शिक्षकों की पात्रता की जांच की जाएगी. पात्र पाए जाने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की स्वीकृति मिलने पर ही उन्हें 10 प्रतिशत की दर से मकान किराया भत्ता दिया जाएगा.


इसका मतलब यह है कि बक्सर जैसे वर्गीकृत शहर के मामले में शहर की सीमा से 8 किलोमीटर के दायरे में स्थित विद्यालयों के शिक्षक निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद HRA के पात्र हो सकते हैं.


वहीं, अवर्गीकृत शहरों के मामले में विभाग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है. डुमरांव, ब्रह्मपुर, इटाढ़ी और चौसा जैसे अवर्गीकृत शहरों में पदस्थापित शिक्षकों को अब सिर्फ शहर की निर्धारित परिधि के अंदर ही 7.5 प्रतिशत HRA का लाभ मिलेगा.


शहर की सीमा से बाहर 8 किलोमीटर के दायरे में स्थित विद्यालयों में पदस्थापित शिक्षकों को इस आधार पर HRA नहीं दिया जाएगा.


विभाग के नए निर्देश के बाद उन शिक्षकों को लेकर भी सवाल उठ रहा है, जो अब तक अवर्गीकृत शहरों की सीमा से 8 किलोमीटर के दायरे में स्थित विद्यालयों में पदस्थापित होने के बावजूद HRA का लाभ लेते रहे हैं.


इसको लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि फिलहाल विभागीय नियमों के अनुसार आवास भत्ता को लेकर पत्र जारी किया गया है. अब शिक्षकों को इसी निर्देश और निर्धारित नियमों के आधार पर HRA का लाभ दिया जाएगा.