Bihar News: बिहार की शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू हो गई है। अब राज्य के शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से पढ़ाने, पाठ योजना तैयार करने और शिक्षण के नए तरीके सीखने का मौका मिलेगा। इसके लिए बिहार सरकार ने Google LLC के साथ हाथ मिलाया है। इस सहयोग के तहत शिक्षकों को Google के Gemini और NotebookLM जैसे आधुनिक AI टूल्स के इस्तेमाल की ट्रेनिंग देने की योजना बनाई गई है।


बिहार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और Google LLC के बीच मंगलवार को AI सशक्तीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट (SOI) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल तकनीक से जोड़ना और पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाने के लिए AI का इस्तेमाल सिखाना है।


इस पहल के तहत शिक्षकों को केवल AI टूल्स चलाने की जानकारी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें यह भी बताया जाएगा कि इन तकनीकों का इस्तेमाल कक्षा में पढ़ाने के दौरान कैसे किया जा सकता है।


शिक्षकों को Google के Gemini और NotebookLM जैसे AI टूल्स का सुरक्षित और प्रभावी इस्तेमाल सिखाया जाएगा। इनकी मदद से शिक्षक पाठ योजना तैयार करने, पढ़ाने के नए तरीके विकसित करने और विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुसार अध्ययन सामग्री तैयार करने का अभ्यास कर सकेंगे।


इसके अलावा, AI की मदद से शिक्षकों के प्रशासनिक काम को आसान बनाने और शिक्षण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने पर भी जोर दिया जाएगा। शिक्षकों को AI को एक शिक्षण सहायक और ट्यूटर के रूप में इस्तेमाल करने की क्षमता विकसित करने का अवसर मिलेगा।


इस पहल की खास बात यह है कि शिक्षकों को उनकी जरूरत और भाषा के अनुरूप प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। Google AI Educator Series के माध्यम से हिंदी और अंग्रेजी में प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।


स्थानीय भाषाओं और क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही शिक्षकों की दक्षता का आकलन करने और प्रशिक्षण पूरा करने पर प्रमाणन देने की योजना भी प्रस्तावित है।


इससे शिक्षकों को नई तकनीक सीखने के साथ-साथ उसे अपने स्कूल और कक्षा में लागू करने में मदद मिल सकती है।


Google और बिहार सरकार के बीच हुए इस सहयोग का दायरा केवल शिक्षकों के प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। इसके तहत राज्य में डिजिटल शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी काम करने की योजना है।


प्रस्तावित सहयोग में ICT लैब, स्मार्ट क्लासरूम, कनेक्टेड क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और भाषा प्रयोगशालाओं के विकास के लिए तकनीकी सहयोग शामिल है।


शिक्षकों को डिजिटल आईडी और Google के AI टूल्स तक सुरक्षित एवं व्यक्तिगत पहुंच उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इससे डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।


इस पहल के तहत Google Educator Groups को भी बढ़ावा देने की योजना है। इन समूहों के माध्यम से शिक्षक अपने अनुभव साझा कर सकेंगे और AI आधारित शिक्षण के नए तरीकों को एक-दूसरे से सीख सकेंगे।


अगर कोई शिक्षक AI की मदद से पढ़ाने का प्रभावी तरीका विकसित करता है, तो दूसरे शिक्षक भी उससे सीखकर अपने स्कूल में उसे अपना सकेंगे। इससे शिक्षकों के बीच आपसी सहयोग और नई तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


शिक्षकों के लिए हाइब्रिड प्रशिक्षण और प्रमाणन की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इसके तहत ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से ट्रेनिंग देने की योजना है।


प्रशिक्षण में AI साक्षरता के साथ-साथ शिक्षण पद्धति में Gemini जैसे टूल्स के प्रभावी इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


विभाग के अनुसार, शिक्षकों को उभरती AI और डिजिटल तकनीकों से जोड़ना बिहार की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


हालांकि, इस सहयोग के तहत प्रशिक्षण और डिजिटल सुविधाओं को लागू करने की विस्तृत समयसीमा सामने नहीं आई है। फिलहाल, इस पहल के जरिए बिहार में शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और कक्षाओं में डिजिटल शिक्षण को बढ़ावा देने की तैयारी की जा रही है।