Bihar News: बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के यात्रा भत्ता (TA) और दैनिक भत्ता (DA) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। वित्त विभाग ने बिहार यात्रा-भत्ता (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2026 लागू कर दी है। नई व्यवस्था का उद्देश्य यात्रा भत्ता प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और कर्मचारी हितैषी बनाना है। संशोधित नियमों के लागू होने के बाद विशेष रूप से विदेश यात्रा करने वाले सरकारी कर्मचारियों को पहले की तुलना में अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
विदेश यात्रा पर मिलेगा नए मानकों के अनुसार भत्ता
नई नियमावली के तहत अब सरकारी कार्य से विदेश जाने वाले कर्मचारियों को यात्रा और दैनिक भत्ता विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार मिलेगा। पहले विदेश यात्रा के दौरान बिहार सरकार की निर्धारित दरों के आधार पर भुगतान किया जाता था, लेकिन अब केंद्र सरकार के मानकों को अपनाया गया है। इससे कर्मचारियों को वास्तविक खर्च के अनुरूप बेहतर भुगतान मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
पुरानी व्यवस्था खत्म, नियम हुए आसान
वित्त विभाग ने बिहार यात्रा-भत्ता नियमावली-1949 के एक महत्वपूर्ण प्रावधान को समाप्त कर दिया है। सरकार का कहना है कि पुराने नियम वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप नहीं थे। संशोधित नियम लागू होने से यात्रा भत्ता से जुड़े दावों के निपटारे की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान और पारदर्शी होगी।
दैनिक भत्ते में कटौती का प्रावधान समाप्त
नई नियमावली में दैनिक भत्ते (DA) से जुड़ा एक बड़ा बदलाव भी किया गया है। पहले यदि किसी कर्मचारी को यात्रा के दौरान मुफ्त आवास मिलता था तो उसके दैनिक भत्ते में 25 प्रतिशत कटौती की जाती थी। यदि भोजन की सुविधा भी उपलब्ध होती थी तो कटौती बढ़कर 50 प्रतिशत और दोनों सुविधाएं मिलने पर 75 प्रतिशत तक हो जाती थी।
अब संशोधित नियमों में इस कटौती की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इससे कर्मचारियों को भत्ता प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सरल होगी और अनावश्यक विवाद भी कम होंगे।
टैक्सी और सरकारी वाहन के लिए भी नए नियम
सरकार ने टैक्सी और सरकारी वाहनों के उपयोग से संबंधित नियमों में भी बदलाव किया है। श्रेणी-1 के अधिकारियों को पटना सहित चिन्हित शहरों में वास्तविक टैक्सी खर्च की प्रतिपूर्ति पहले की तरह मिलती रहेगी।
वहीं, यदि सरकारी वाहन का उपयोग किया जाता है तो ईंधन की प्रतिपूर्ति वास्तविक खपत और लॉग-बुक के प्रमाणन के आधार पर की जाएगी। इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
बोर्डिंग पास जमा करना होगा अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत यात्रा भत्ता का दावा करने वाले सरकारी कर्मचारियों को अब डीए बिल के साथ बोर्डिंग पास भी जमा करना होगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से यात्रा की प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी और फर्जी दावों पर प्रभावी रोक लग सकेगी। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की संभावना भी कम होगी।
कर्मचारियों को होगा सीधा लाभ
वित्त विभाग के अनुसार संशोधित नियमावली लागू होने से सरकारी कर्मचारियों को यात्रा भत्ता प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी। विदेश मंत्रालय की दरों के अनुसार भुगतान होने से विदेश यात्रा करने वाले कर्मचारियों को पहले से अधिक लाभ मिलेगा। वहीं, दैनिक भत्ते से जुड़े जटिल प्रावधान हटने और दस्तावेजों की स्पष्ट व्यवस्था होने से भुगतान प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।
सरकार का मानना है कि इन बदलावों से न केवल कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि यात्रा भत्ता प्रणाली भी आधुनिक और अधिक प्रभावी बन सकेगी।