Bihar News: बिहार में सुपारी लेकर हत्या करने वाले शूटरों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय होने का खुलासा हुआ है। सीआईडी और बिहार एसटीएफ ने ऐसे करीब 350 सुपारी शूटरों की सूची तैयार की है, जो पैसों के बदले हत्या जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देते हैं। 


रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में महज 20 हजार रुपये की सुपारी पर भी हत्या की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन वारदातों पर रोक लगाने के लिए एसटीएफ ने विशेष योजना बनाई है और सूची में शामिल शूटरों की वर्तमान गतिविधियों की लगातार जांच की जा रही है।


हाल ही में मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित बाड़ा जगन्नाथ इलाके में प्रॉपर्टी डीलर प्रभाकर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि यह हत्या बकाया पैसे की वसूली के विवाद में सुपारी देकर कराई गई थी। पुलिस ने इस मामले में सुपारी देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, हालांकि दो सुपारी शूटर अब भी फरार हैं।


इसी तरह मीनापुर इलाके में मिट्ठू सहनी गिरोह से जुड़े चार सुपारी शूटरों ने डेढ़ साल पहले केवल 20 हजार रुपये की सुपारी पर खेत में काम कर रहे एक किसान की हत्या कर दी थी। इस मामले में शामिल शूटर हाल ही में जमानत पर रिहा हुए हैं। इसके अलावा स्मैकिया गिरोह से जुड़े अपराधियों के भी इस तरह की वारदातों में शामिल होने की बात सामने आ रही है।


सीआईडी के डीआईजी संजय कुमार के अनुसार, प्रोफेशनल किलिंग की घटनाओं में कमी लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 350 सुपारी शूटरों की सूची तैयार कर उनकी निगरानी की जा रही है। संदिग्ध गतिविधि मिलने पर एसटीएफ तुरंत कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि कड़ी निगरानी के कारण पिछले वर्षों की तुलना में सुपारी किलिंग की घटनाओं में कमी आई है।