Bihar Amin Strike: बिहार में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे अमीनों के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हड़ताल में शामिल सभी अमीनों को उनके दायित्वों और कार्यों से तत्काल प्रभाव से मुक्त करने का आदेश जारी किया है. इसके साथ ही ई-मापी पोर्टल पर उनकी आईडी भी निष्क्रिय कर दी गई है. अब इनकी जगह विशेष सर्वेक्षण अमीनों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी.
इस संबंध में विभाग के अपर सचिव अमित कुमार पाण्डेय ने मंगलवार को राज्य के सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया है. पत्र में कहा गया है कि अमीनों की मांगों को लेकर विभागीय स्तर पर पहले ही बातचीत की गई थी. उनकी मांगों पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी गई थी. इसके बाद सभी अमीनों को अपने कार्यस्थल और अंचल कार्यालय में तत्काल योगदान देने का निर्देश दिया गया था. इसके बावजूद जिलों से लगातार हड़ताल जारी रहने की सूचना मिल रही थी.
ई-मापी के काम पर पड़ रहा असर
विभाग के अनुसार, अमीनों की लगातार हड़ताल के कारण ई-मापी पोर्टल पर जमीन की मापी से जुड़े लंबित मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है. इसका सीधा असर आम लोगों के कामकाज और राजस्व संबंधी गतिविधियों पर पड़ रहा है. जमीन की मापी के लिए आवेदन करने वाले लोगों को परेशानी हो रही है. लोकहित से जुड़े कार्य प्रभावित होने के कारण विभाग ने अब हड़ताली अमीनों के खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया है.
दूसरे अमीनों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी
हड़ताल में शामिल नहीं होने वाले अमीन पहले की तरह अपने पदों पर काम करते रहेंगे. वहीं, हड़ताल पर गए अमीनों की जगह संबंधित अंचलों में कार्यरत विशेष सर्वेक्षण अमीनों की आनुपातिक आधार पर प्रतिनियुक्ति की जाएगी. इसके लिए संबंधित अंचल अधिकारियों को प्रतिनियुक्त अमीनों को ई-मापी पोर्टल पर ऑनबोर्ड कराने की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि जमीन की मापी से जुड़े लंबित कार्यों का निपटारा किया जा सके.
24 घंटे के भीतर कार्रवाई पूरी करने का आदेश
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को अगले 24 घंटे के भीतर आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी विभाग को उपलब्ध करानी होगी. संबंधित अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में प्रतिनियुक्त अमीनों की आईडी सक्रिय करने समेत सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने को कहा गया है.