Bihar News : बिहार में माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को इस बार ड्रेस और व्यक्तिगत साज-सज्जा से जुड़े नियमों का भी विशेष ध्यान रखना होगा। परीक्षा केंद्रों पर जूता-मोजा पहनकर आने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वहीं, महिला अभ्यर्थियों को मेहंदी, नेल पॉलिश और इस तरह की अन्य चीजें लगाकर परीक्षा देने पहुंचने से बचने की हिदायत दी गई है। नियमों का पालन नहीं करने पर अभ्यर्थियों को केंद्र में प्रवेश से रोका जा सकता है।
ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों पर 25 अक्टूबर से 21 नवंबर तक दो पालियों में परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से लेकर परीक्षा समाप्त होने तक अभ्यर्थियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। ऐसे में परीक्षार्थियों के लिए जरूरी है कि वे परीक्षा से पहले जारी दिशा-निर्देशों को अच्छी तरह समझ लें, ताकि केंद्र पर पहुंचने के बाद किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने चार नवंबर को निर्धारित परीक्षा का शेड्यूल बदल दिया है। अब यह परीक्षा 21 नवंबर को आयोजित की जाएगी। हालांकि, अन्य परीक्षाओं का कार्यक्रम पहले से निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही रहेगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने प्रवेश पत्र पर दर्ज परीक्षा तिथि, पाली और रिपोर्टिंग समय की जांच जरूर कर लें।
पहली पाली की परीक्षा सुबह नौ बजे से शुरू होगी। इसके लिए अभ्यर्थियों को सुबह 7:30 बजे से 8:30 बजे तक केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। वहीं, दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम 4:30 बजे तक चलेगी। दूसरी पाली के लिए प्रवेश का समय दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थियों को अपने एडमिट कार्ड पर दिए गए समय के अनुसार ही केंद्र पहुंचना होगा। देर से पहुंचने पर प्रवेश नहीं मिलने का जोखिम रहेगा।
परीक्षा के दौरान कंप्यूटर और सीट आवंटन की प्रक्रिया मशीन आधारित होगी। इससे अभ्यर्थियों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार परीक्षा में शामिल कराया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर स्क्रीन पर सवाल और बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर प्रदर्शित होंगे। परीक्षा समाप्त होने के बाद किसी तरह की गड़बड़ी या शिकायत की स्थिति में जांच के लिए भी व्यवस्थाएं की गई हैं।
परीक्षा केंद्रों पर दो दिन पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। केंद्रों के बाहर की व्यवस्था संभालने के लिए प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी और पुलिस बल जिम्मेदार होंगे। वहीं, केंद्र के अंदर की व्यवस्था की जिम्मेदारी सेंटर मैनेजर को दी गई है। चयनित एजेंसी को यह सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षा के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चलें और अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार ही प्रवेश मिले।
परीक्षा की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले से लेकर परीक्षा समाप्त होने के 30 मिनट बाद तक की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जहां से परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी।
प्रशासन ने अभ्यर्थियों को निर्देश दिया है कि वे परीक्षा केंद्र पर किसी भी तरह की जल्दबाजी या लापरवाही न करें। ड्रेस संबंधी नियमों का पालन करें, समय से पहुंचें और प्रवेश पत्र के साथ जरूरी दस्तावेज लेकर आएं। छोटी-सी चूक भी परीक्षा में शामिल होने का मौका छीन सकती है। इसलिए परीक्षा देने जाने से पहले सभी निर्देशों की जांच करना ही समझदारी होगी।