Bihar News : बिहार सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि राज्य के स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स केवल व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों से ही वसूला जाएगा। निजी वाहनों से किसी प्रकार का टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को बिहार विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने सदन में दी।
विधान परिषद की दूसरी पाली में राजद के एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दकी ने गैर सरकारी संकल्प के माध्यम से सरकार से स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स नहीं लगाने की मांग की। इस पर जवाब देते हुए परिवहन मंत्री ने कहा कि राज्य में सड़क और आधारभूत संरचना के विकास के लिए शुल्क संग्रह आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नियमावली पहले ही अधिसूचित की जा चुकी है, हालांकि विस्तृत लिखित आदेश अभी जारी होना बाकी है।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि केवल पीले रंग की नंबर प्लेट वाले यानी व्यावसायिक वाहनों से ही टोल टैक्स लिया जाए। सरकार के निर्णय के अनुसार निजी वाहनों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए संसाधन जुटाना जरूरी है, इसलिए व्यावसायिक वाहनों से ही शुल्क वसूला जाएगा।
बिहार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी हुई चर्चा
सदन में बिहार में पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों का मुद्दा भी उठा। राजद एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि बिहार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश और झारखंड की तुलना में अधिक हैं। उन्होंने राज्य सरकार से टैक्स कम करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा होने पर पेट्रोल करीब 11 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो सकता है।
इस पर वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने जवाब देते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों का निर्धारण तेल विपणन कंपनियां करती हैं। राज्य सरकार सीधे तौर पर इनकी कीमत तय नहीं करती। उन्होंने प्रस्ताव वापस लेने की अपील की, लेकिन सुनील कुमार सिंह ने मतदान की मांग की। मतदान के बाद सदन ने उनके प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया।
पत्रकारों की रेल रियायत बहाल करने की होगी सिफारिश
विधान परिषद में मान्यता प्राप्त पत्रकारों को रेल यात्रा में मिलने वाली रियायत का मुद्दा भी उठा। राजद एमएलसी अशोक कुमार पांडेय ने कोरोना काल से बंद इस सुविधा को फिर से शुरू कराने की मांग की।
इस पर परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि बिहार सरकार इस संबंध में रेल मंत्रालय को अनुशंसा भेजेगी ताकि मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए रेल यात्रा रियायत की सुविधा दोबारा बहाल की जा सके।
स्कूलों में शुरू हो सकता है आनापान ध्यान
सदन में शिक्षा से जुड़े विषय पर भी चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में 'आनापान ध्यान' शुरू करने पर विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विद्यालयों में चेतना सत्र आयोजित किए जा रहे हैं और भविष्य में ध्यान आधारित गतिविधियों को भी शामिल करने की संभावना है।
ककोलत महोत्सव को लेकर सरकार का विचार
कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार ने सदन को बताया कि सरकार ककोलत महोत्सव को ककोलत जलप्रपात के नजदीक आयोजित कराने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यह महोत्सव नवादा में आयोजित होता है, लेकिन पर्यावरणीय नियमों के कारण सीधे ककोलत परिसर में आयोजन संभव नहीं है। इसलिए आसपास के उपयुक्त स्थान पर महोत्सव कराने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
बिहार विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान सरकार ने सड़क परिवहन, ईंधन की कीमत, पत्रकारों की रेल रियायत, शिक्षा और पर्यटन जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। सबसे अहम घोषणा यह रही कि राज्य के स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स केवल व्यावसायिक वाहनों से ही लिया जाएगा, जबकि निजी वाहन इस दायरे से बाहर रहेंगे।