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29-Mar-2026 01:04 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बिहार सरकार अब नदियों और नहरों के जरिए सिंचाई के साथ-साथ बिजली उत्पादन पर भी जोर दे रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने पश्चिमी सोन नहर के तटबंध पर 10 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट की स्थापना को मंजूरी दे दी है। जल संसाधन विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए बिजली कंपनी को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया है। यह पहल बिहार को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
इस परियोजना के तहत पश्चिमी सोन नहर के शुरुआती एक किलोमीटर हिस्से को चिन्हित किया गया है, जहां करीब 80 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में आधुनिक सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इस पावर प्लांट का निर्माण और संचालन बिजली कंपनी द्वारा किया जाएगा। इससे न केवल बड़े पैमाने पर हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा, बल्कि भूमि की कमी से अटकी परियोजनाओं को भी नई दिशा मिलेगी।
जल संसाधन विभाग ने एनओसी जारी करते समय सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। स्पष्ट किया गया है कि सोलर प्लांट की स्थापना इस तरह होनी चाहिए कि नहर के तटबंधों की मजबूती पर कोई असर न पड़े।
बताया जा रहा है कि जल संसाधन विभाग और बिजली कंपनी के बीच तटबंधों के उपयोग को लेकर लंबे समय से मंथन चल रहा था। सोन नहर पर शुरू हो रहा यह प्रोजेक्ट एक पायलट मॉडल के रूप में काम करेगा। यदि यह सफल रहा, तो भविष्य में कोसी, गंडक और अन्य प्रमुख नहरों के किनारों पर भी ऐसे सोलर पार्क विकसित किए जा सकते हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर बिजली की समस्या भी कम होगी।
10 मेगावाट का यह सोलर प्लांट पर्यावरण के लिए भी लाभकारी साबित होगा। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और राज्य सरकार के ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान को मजबूती मिलेगी। बिजली कंपनी द्वारा भूमि का सर्वे पूरा कर लिया गया है और एनओसी मिलने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद आसपास के क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।