Bihar Solar Panel : बिहार में अगर आप अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है। राज्य सरकार की ओर से रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों की छत पर सोलर सिस्टम लगाने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ मिल सकता है। सरकार का जोर अधिक से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने पर है। इसके लिए बिहार में करीब 10 लाख उपभोक्ताओं तक प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

3 किलोवाट के सोलर पैनल पर कितनी सब्सिडी?

सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव के मुताबिक, 3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम लगाने पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सहायता दी जा रही है। करीब 2 लाख रुपये की लागत वाले सिस्टम पर लगभग 1 लाख रुपये तक की सरकारी सहायता का प्रावधान बताया गया है।

बताया गया है कि इसमें करीब 70 हजार रुपये केंद्र सरकार की ओर से और करीब 28 हजार रुपये राज्य सरकार की ओर से सहायता के रूप में दिए जाने की बात कही गई है। बाकी राशि के लिए बैंक लोन की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसे करीब 10 साल में चुकाने की व्यवस्था बताई गई है।

महीने में 400 से 450 यूनिट तक बिजली उत्पादन

3 किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम सामान्य परिस्थितियों में एक महीने में करीब 400 से 450 यूनिट तक बिजली पैदा कर सकता है। घर की जरूरत पूरी होने के बाद अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने की सुविधा भी हो सकती है।इसके लिए नेट मीटरिंग व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाता है। इससे उपभोक्ता के बिजली खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, घरों की छतों से बिजली उत्पादन बढ़ने पर बिजली ग्रिड पर दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।

बिहार में तेजी से बढ़ रहा रूफटॉप सोलर

बिहार सरकार सौर ऊर्जा के विस्तार को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी में है। राज्य में मौजूदा समय में करीब 1.92 GW सौर ऊर्जा क्षमता कमीशन हो चुकी है। वहीं 2029-30 तक करीब 23.968 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य में केवल सौर ऊर्जा ही नहीं, बल्कि अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत भी शामिल हैं। सरकार इसके लिए बड़े सोलर प्रोजेक्ट, रूफटॉप सोलर, ऊर्जा भंडारण और ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर जैसी योजनाओं पर काम कर रही है।

10 लाख घरों तक पहुंचाने का लक्ष्य

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए बिहार में घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। दक्षिण बिहार के शहरी इलाकों में अब तक 30,740 घर इस योजना के तहत रूफटॉप सोलर से जुड़ चुके हैं। इन घरों में लगाए गए सिस्टम से करीब 108.58 MW क्षमता की बिजली उत्पादन व्यवस्था तैयार हुई है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इस योजना का दायरा और बढ़ाना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवार अपनी छत से बिजली पैदा कर सकें।

बड़े सोलर प्रोजेक्ट पर भी काम

बिहार में केवल घरों की छतों पर ही नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा उत्पादन की भी तैयारी है। लखीसराय के कजरा में करीब 2,866 करोड़ रुपये की लागत से 301 MW क्षमता का सोलर पावर प्लांट विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के साथ 523 MWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी जोड़ा गया है। इसके अलावा औरंगाबाद में 150 MW क्षमता के सोलर पार्क के लिए भी शुरुआती काम शुरू हो चुका है।

यानी बिहार में एक तरफ बड़े सोलर प्लांट के जरिए बिजली उत्पादन बढ़ाने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी देकर आम उपभोक्ताओं को भी सौर ऊर्जा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। आने वाले वर्षों में रूफटॉप सोलर बिहार के बिजली सिस्टम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।