Bihar Smart Class : बिहार में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को राजधानी पटना के 150 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास योजना की शुरुआत की। इस पहल का शुभारंभ पटना के राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्री नगर से किया गया। सरकार का दावा है कि इस योजना के जरिए सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को भी निजी स्कूलों जैसी आधुनिक और डिजिटल शिक्षा की सुविधा मिलेगी।


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्मार्ट क्लास का स्वयं निरीक्षण किया। वह छात्रों के बीच बैठकर कक्षा में चल रही पढ़ाई को ध्यान से देखते रहे और शिक्षकों से भी बातचीत की। इस दौरान विज्ञान विषय में कोशिका (Cell) के कार्यों पर आधारित पाठ पढ़ाया जा रहा था। मुख्यमंत्री ने छात्रों से इस विषय से जुड़े सवाल पूछे और उनकी समझ का भी आकलन किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नई तकनीक उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उसका लाभ प्रत्येक विद्यार्थी तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।


नई स्मार्ट क्लास व्यवस्था के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। छात्रों के लिए लाइव और इंटरैक्टिव क्लास आयोजित होंगी, जिनमें विषय विशेषज्ञ भी ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाएंगे। इसके अलावा डिजिटल स्टडी मैटेरियल, ई-नोट्स, रिकॉर्डेड लेक्चर और नियमित मॉक टेस्ट जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को परीक्षा की बेहतर तैयारी करने में मदद मिलेगी और उनकी पढ़ाई अधिक प्रभावी तथा परिणाम आधारित बन सकेगी।


सरकार का मानना है कि डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ेगी। कठिन विषयों को ऑडियो-वीडियो प्रेजेंटेशन और एनिमेशन के माध्यम से समझाया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को विषयों को समझने में आसानी होगी। साथ ही, रिकॉर्डेड लेक्चर उपलब्ध होने से छात्र अपनी सुविधा के अनुसार दोबारा भी पढ़ाई कर सकेंगे।


मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी छात्रों के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि पटना के 10 मॉडल स्कूलों में जेईई (JEE) और नीट (NEET) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य ऐसे प्रतिभाशाली छात्रों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग नहीं कर पाते हैं।


सरकार की योजना इस सुविधा का दायरा धीरे-धीरे बढ़ाने की भी है। आने वाले समय में राज्य के 146 मॉडल स्कूलों तक मुफ्त जेईई और नीट कोचिंग की व्यवस्था पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे हजारों विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिल सकेंगे।


इसी के साथ बिहार स्कूल लाइव क्लासेज कार्यक्रम का पहला चरण भी पटना के 150 सरकारी विद्यालयों में शुरू कर दिया गया है। शिक्षा विभाग के अनुसार जुलाई के अंत तक इस सुविधा को पटना के सभी 422 हाई स्कूलों तक विस्तारित करने की योजना है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे बिहार के सरकारी हाई स्कूलों में स्मार्ट क्लास और लाइव डिजिटल शिक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।


शिक्षा विभाग का कहना है कि यह पहल सरकारी स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार लाने के साथ-साथ विद्यार्थियों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था से न केवल छात्रों की पढ़ाई आसान होगी, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में उनकी सफलता की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। सरकार को उम्मीद है कि स्मार्ट क्लास और मुफ्त प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग जैसी योजनाएं राज्य के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देंगी और सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगी।