बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में गोपालगंज के कृष्णा ने हासिल किया 9वां रैंक, 482 अंकों के साथ बने जिला टॉपर; पिता हैं सिक्योरिटी गार्ड बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में गोपालगंज के कृष्णा ने हासिल किया 9वां रैंक, 482 अंकों के साथ बने जिला टॉपर; पिता हैं सिक्योरिटी गार्ड 1 अप्रैल से लागू नया टैक्स कानून, सैलरी वालों के लिए बड़ा झटका या राहत? HRA से लेकर Education Allowance तक के बदले नियम बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: स्क्रूटिनी और विशेष परीक्षा के लिए छात्रों को मौका, इस दिन से करें आवेदन बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: स्क्रूटिनी और विशेष परीक्षा के लिए छात्रों को मौका, इस दिन से करें आवेदन वैशाली की सबरीन परवीन बनीं बिहार टॉपर, मैट्रिक में 98.4% अंक के साथ रचा इतिहास फिर बदलने वाला है बिहार का मौसम, IMD ने जारी किया अलर्ट; कई जिलों में तेज हवा और बारिश की संभावना फिर बदलने वाला है बिहार का मौसम, IMD ने जारी किया अलर्ट; कई जिलों में तेज हवा और बारिश की संभावना Bihar Board : बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी: डिजिलॉकर पर ऐसे मिनटों में देखें मैट्रिक मार्कशीट, जानें पूरा तरीका बिहार बोर्ड परीक्षा में टॉपर्स फैक्ट्री ने किया कमबैक, टॉप 10 की लिस्ट में स्टेट टॉपर पुष्पांजलि समेत तीन स्टूडेंट
29-Mar-2026 11:44 AM
By First Bihar
Bihar police : बिहार में आम लोगों की सुविधा और पुलिस सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब किराएदार, घरेलू सेवक या वाहन चालक का सत्यापन कराना हो, किसी लापता या अपहृत व्यक्ति की जानकारी देनी हो, या फिर खोई-पाई संपत्ति से जुड़ी सूचना दर्ज करनी हो—इन सभी कामों के लिए थाने के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करते हुए बिहार पुलिस को और अधिक स्मार्ट बना दिया है।
इसी दिशा में एक स्मार्ट नागरिक सेवा पोर्टल शुरू किया गया है, जिसके जरिए आम लोग घर बैठे ही कई महत्वपूर्ण सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बिना लॉग इन किए भी प्राथमिकी (FIR) की प्रति प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति गुप्त रूप से पुलिस को महत्वपूर्ण सूचना दे सकता है, जिससे अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
इस पोर्टल के माध्यम से लोग उद्घोषित या इनामी अपराधियों की जानकारी भी देख सकते हैं। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि आम नागरिकों को समय पर और सही जानकारी भी मिल सकेगी। यह पहल पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करने में भी काफी कारगर साबित हो रही है।
लॉग इन करने के बाद इस पोर्टल पर और भी ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध हो जाती हैं। सरकार ने इस पोर्टल का विस्तार करते हुए इसमें कई नई सेवाएं जोड़ी हैं, जिससे अब कुल 11 से अधिक सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल रही हैं। पहले इन सेवाओं के लिए लोगों को थाने जाना पड़ता था, जहां कई बार उनकी शिकायतें दर्ज नहीं होती थीं या उन्हें बार-बार लौटाया जाता था। ऐसे में लोगों को छोटे-छोटे मामलों में भी उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप का इंतजार करना पड़ता था।
अब इस नई व्यवस्था के तहत कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन लापता या अपहृत व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज कर सकता है। इसके अलावा खोई हुई वस्तु की जानकारी देना, अज्ञात व्यक्ति या शव की पहचान से जुड़ी सूचना प्राप्त करना, वांछित या गिरफ्तार अपराधियों का विवरण देखना और ई-शिकायत दर्ज करना बेहद आसान हो गया है। इन सेवाओं के लिए अब स्थानीय पुलिस पर निर्भरता भी कम हो गई है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज बनी है।
सिर्फ शिकायत या सूचना ही नहीं, बल्कि सत्यापन और पंजीकरण से जुड़ी सेवाएं भी इस पोर्टल पर उपलब्ध हैं। आम लोग अब अपने किराएदार, घरेलू सहायक या वाहन चालक का चरित्र सत्यापन ऑनलाइन कर सकते हैं। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों का ऑनलाइन पंजीकरण भी इस प्लेटफॉर्म के जरिए संभव हो गया है, जिससे उनकी सुरक्षा और निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।
खोई या बरामद संपत्ति से जुड़ी जानकारी भी अब इस पोर्टल पर आसानी से प्राप्त की जा सकती है। इससे लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए थाने जाने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। कुल मिलाकर यह स्मार्ट नागरिक सेवा पोर्टल आम जनता के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आया है।
डिजिटल तकनीक के इस बढ़ते उपयोग से न केवल सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आएगी, बल्कि लोगों का समय भी बचेगा और उन्हें बेहतर सेवा अनुभव मिलेगा। बिहार सरकार की यह पहल निश्चित रूप से कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिकों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।