Bihar SIR News : बिहार में विधानसभा चुनाव के बाद भी सियासी संग्राम थमता नजर नहीं आ रहा है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दल एक बार फिर सड़क पर उतरने जा रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज यानी 7 अक्टूबर को बिहार के अलग-अलग हिस्सों में महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता आक्रोश मार्च निकालेंगे। राजद, कांग्रेस, वीआईपी समेत इंडिया गठबंधन में शामिल अन्य दल इस आंदोलन में शामिल होंगे।


विपक्ष का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जो वास्तविक मतदाता हैं। विपक्ष इसे लोकतंत्र और मताधिकार पर हमला बता रहा है। इसी मुद्दे को लेकर अब महागठबंधन ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है।

ब्लॉक स्तर पर होगा प्रदर्शन

आज होने वाले आक्रोश मार्च को लेकर विपक्षी दलों ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को ब्लॉक स्तर पर जुटने का निर्देश दिया है। अलग-अलग प्रखंडों में नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाएंगे। प्रदर्शन के दौरान SIR के खिलाफ नारेबाजी भी होगी।

विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है। अगर किसी योग्य मतदाता का नाम सूची से हटा दिया जाता है तो वह अपने मताधिकार से वंचित हो सकता है। इसी मुद्दे को लेकर महागठबंधन लगातार चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर सवाल खड़े कर रहा है।

तेजस्वी यादव ने लगाया ‘वोट की चोरी’ का आरोप

एक दिन पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने SIR को लेकर केंद्र और चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले SIR के जरिए सही मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे गए। तेजस्वी ने इसे सीधे तौर पर ‘वोट की चोरी’ करार दिया।

तेजस्वी यादव का कहना था कि बिहार से ही SIR की शुरुआत भाजपा और केंद्र के कहने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने करवाई थी। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र को बचाने के लिए इस मुद्दे पर संघर्ष करेगा और आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

तेजस्वी के इस बयान के बाद महागठबंधन ने अपने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। विपक्षी दल अब सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि इस मुद्दे को सड़क से लेकर राजनीतिक मंच तक जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में हैं।

8 अक्टूबर को भी बड़ा आंदोलन

आज के आक्रोश मार्च के बाद विपक्षी दलों का आंदोलन 8 अक्टूबर को भी जारी रहेगा। कल इंडिया गठबंधन में शामिल दलों के नेता जिला मुख्यालयों पर धरना देंगे। इसके साथ ही लोकभवन मार्च का भी कार्यक्रम रखा गया है। पटना में इस मार्च का नेतृत्व तेजस्वी यादव करेंगे। विपक्षी दलों की कोशिश है कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को बड़े राजनीतिक मुद्दे के तौर पर जनता के बीच रखा जाए।

चुनाव आयोग से इस्तीफे की मांग

विपक्षी दलों का मुख्य निशाना मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं। उनकी मांग है कि SIR की प्रक्रिया और उससे जुड़े विवादों की जिम्मेदारी तय की जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा दें। हालांकि, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष के आरोपों पर सियासी बहस लगातार जारी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि 7 और 8 अक्टूबर को होने वाले इन आंदोलनों का बिहार की राजनीति पर कितना असर पड़ता है।

फिलहाल इतना साफ है कि SIR का मुद्दा बिहार में एक बार फिर सियासी गर्मी बढ़ाने लगा है। विधानसभा चुनाव के बाद भी विपक्ष इस मुद्दे को छोड़ने के मूड में नहीं है और सड़क पर उतरकर सरकार तथा चुनाव आयोग को घेरने की तैयारी में है।