Bihar SI Exam Paper Leak: बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की पुलिस अवर निरीक्षक यानी SI मुख्य परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर आर्थिक अपराध इकाई की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. गया कॉलेज परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर सॉल्वर गैंग तक पहुंचाने के आरोप में आर्थिक अपराध इकाई की SIT ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिरेन्द्र कुमार के रूप में हुई है.
दरअसल बिरेन्द्र कुमार मानपुर थाना क्षेत्र के बाड़ा गांव का रहने वाला है और गया कॉलेज में वर्ष 2025 से अनुबंध पर कंप्यूटर शिक्षक के रूप में काम कर रहा था. 27 मई 2026 को हुई SI मुख्य परीक्षा में उसकी ड्यूटी कार्यालय कर्मी के तौर पर लगाई गई थी.
मामला मूल रूप से सॉल्वर गैंग द्वारा ब्लूटूथ और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए अभ्यर्थियों को उत्तर लिखवाने के आरोप से जुड़ा था. इस मामले में गया के रामपुर थाना में कांड संख्या 307/26 दर्ज किया गया था. शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था. बाद में 28 अगस्त 2026 के आदेश के बाद मामले की आगे की जांच आर्थिक अपराध इकाई की SIT ने अपने हाथ में ले ली.
जांच के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ प्रश्नपत्र भी जांच के दायरे में आए. आर्थिक अपराध इकाई को अलग-अलग माध्यमों से शिकायतें मिली थीं कि परीक्षा के दौरान कुछ प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. इनमें से एक प्रश्नपत्र को जांच टीम ने गया कॉलेज परीक्षा केंद्र तक ट्रेस किया.
इसके बाद जांच टीम ने गया कॉलेज के पूरे CCTV फुटेज को खंगाला. तकनीकी साक्ष्यों और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग से मिले दस्तावेजों की भी जांच की गई. इसी दौरान पता चला कि वायरल हुआ प्रश्नपत्र गया कॉलेज के परीक्षा कक्ष नंबर 49 में आवंटित था. खास बात यह थी कि इस कमरे में जिस अभ्यर्थी को परीक्षा देनी थी, वह अनुपस्थित था.
जांच के मुताबिक 27 मई को दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2.30 बजे शुरू हुई थी. परीक्षा शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद बिरेन्द्र कुमार ने अलग-अलग परीक्षा कक्षों से प्रश्नपत्र इकट्ठा किए. आरोप है कि उसने परीक्षा केंद्र पर तैनात एक बायोमैट्रिक कर्मी की मदद से प्रश्नपत्रों की फोटो खिंचवाई और उसे सॉल्वर गैंग तक पहुंचाया.
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, यह काम पहले से तय साजिश के तहत किया गया था और इसके बदले सॉल्वर गैंग की ओर से एक लाख रुपये का शुरुआती भुगतान किया गया था.
जांच में बिरेन्द्र की पुरानी भूमिका भी सामने आई
पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में आर्थिक अपराध इकाई को बिरेन्द्र कुमार के बारे में कुछ और जानकारी मिली है. जांच के मुताबिक वह वर्ष 2021 से BYTES Softech Pvt. Ltd. नाम की ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कराने वाली कंपनी से जुड़ा हुआ था. कंपनी का मुख्यालय नई दिल्ली में बताया गया है.
जांच एजेंसी के अनुसार, इस कंपनी के जरिए आयोजित होने वाली कई ऑनलाइन परीक्षाओं में बिरेन्द्र ने चीफ इन्वीजिलेटर के तौर पर ड्यूटी की थी. आरोप है कि इसी दौरान वह अभ्यर्थियों की अनधिकृत सेटिंग कराने के काम में भी शामिल रहा.
आर्थिक अपराध इकाई अब बिरेन्द्र से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने में लगी है कि प्रश्नपत्र किन लोगों तक पहुंचाया गया और इस मामले में सॉल्वर गैंग से जुड़े और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
फिलहाल मामले की जांच जारी है और आर्थिक अपराध इकाई ने साफ किया है कि अनुसंधान के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.