ब्रेकिंग न्यूज़

GIRIDIH: कड़ाके की ठंड के बीच जरूरतमंदों की मदद के लिए TUFCON TMT आया सामने, कंबल-खिचड़ी का किया वितरण हाई-टेक होगा पटना जू: फरवरी से150 CCTV, मोबाइल ऐप और स्मार्ट टूर की सुविधा दरभंगा में PHED कर्मी की संदिग्ध मौत, सड़क किनारे मिला शव, हत्या की आशंका Bihar News: नेताजी की बदकिस्मती ! कभी सत्ता में थे नंबर-2, अब पहचान बचाने को गाड़ी पर लगाना पड़ रहा पुराना 'पदनाम', सियासत में टिके रहने की जद्दोजहद बिजली कनेक्शन के नाम पर घूसखोरी, मुजफ्फरपुर में 5 हजार रुपये रंगेहाथ घूस लेते JE सहित 3 कर्मी गिरफ्तार PATNA: चादरपोशी जुलूस में हथियार लहराना पड़ गया भारी, खाजेकला थाने की पुलिस ने 3 बदमाशों को दबोचा Bihar Bhumi: CO के बाद अब DCLR की बारी ! जजमेंट की क्वालिटी जांच होगी, डिप्टी CM विजय सिन्हा तैयार कर रहे प्लान.... CM Nitish Kumar order : सप्ताह में दो दिन पंचायत से लेकर प्रमंडल तक अधिकारी सुनेंगे आपकी बात,CM नीतीश ने जारी किया सख्त आदेश Bihar Road Project: बिहार को बड़ी सौगात, 5 स्टेट हाइवे के निर्माण के लिए 2900 करोड़ मंजूर, 8 जिलों को होगा सीधा फायदा Begusarai road accident : बेगूसराय में भीषण सड़क हादसा, एनएच-31 पर कार-बाइक की टक्कर; साला-बहनोई समेत तीन गंभीर घायल

Bihar education department scam : बिहार शिक्षा विभाग बहाली घोटाला का खुलासा, BEPC कर्मचारी ने जॉब दिलवाने के नाम पर लाखों वसूले, अब ACS को भेजा गया पत्र

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (बीईपीसी) में आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से हो रही बहाली में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी और ठगी का मामला सामने आया है।

Bihar education department scam : बिहार शिक्षा विभाग बहाली घोटाला का खुलासा, BEPC कर्मचारी ने जॉब दिलवाने के नाम पर लाखों वसूले, अब ACS को भेजा गया पत्र

05-Jan-2026 08:46 AM

By First Bihar

Bihar education department scam : बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (बीईपीसी) में आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से हो रही बहाली में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी और ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मधेपुरा जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजा गया है, वहीं पीड़ित अभ्यर्थियों ने पटना के कदमकुआं थाना में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद में आउटसोर्सिंग नियुक्ति के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी हो रही है और इसमें परिषद के अंदरूनी कर्मचारियों की संलिप्तता की आशंका है।


मधेपुरा जिला प्रशासन (जिला गोपनीय शाखा) द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से चयनित आउटसोर्सिंग एजेंसी मेसर्स ग्लोबस इंफॉर्मेटिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से राज्य के हर जिले में चार-चार पदों पर बहाली की गई है। इन बहालियों की प्रक्रिया में ही भारी वित्तीय अनियमितता सामने आई है। आरोप है कि बहाली को लेकर योग्य अभ्यर्थियों को दरकिनार कर पैसों के बल पर नियुक्तियां कराई गईं।


इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी परिषद का कर्मचारी संजय यादव बताया जा रहा है। आरोप है कि संजय यादव ने अपने बिचौलियों वरुण कुमार, अमृता कुमारी, दीपक कुमार और भवेश कुमार के जरिए सैकड़ों अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के नाम पर प्रति व्यक्ति लाखों रुपये की अवैध वसूली की। पीड़ितों का कहना है कि उनसे ढाई-ढाई लाख रुपये लेकर बहाली का भरोसा दिया गया था। इस क्रम में केवल एडवांस के रूप में ही लगभग 40 लाख रुपये की वसूली की गई।


कदमकुआं थाना में दर्ज कराई गई शिकायत में उल्लेख किया गया है कि यह राशि कुछ अभ्यर्थियों से ऑनलाइन माध्यम से ली गई, जबकि शेष रकम नकद के रूप में वसूली गई। पीड़ितों का आरोप है कि पैसे लेने के बाद न तो पारदर्शी तरीके से बहाली की गई और न ही बाद में संपर्क करने पर कोई संतोषजनक जवाब दिया गया। कई अभ्यर्थी आज भी नौकरी और पैसे दोनों से वंचित हैं।


मधेपुरा जिला प्रशासन ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि आरोपी वरुण कुमार, दीपक कुमार और अमृता कुमारी ने अभ्यर्थियों से एकत्रित की गई राशि का उपयोग अपनी स्वयं की नियुक्तियां सुरक्षित करने में किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था और इसका उद्देश्य सरकारी बहाली प्रक्रिया का दुरुपयोग कर निजी लाभ कमाना था।


जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीर मानते हुए शिक्षा विभाग से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए तथा इसमें संलिप्त कर्मचारियों, एजेंसी प्रतिनिधियों और दलालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से हुई सभी बहालियों की जांच कर दोषियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की सिफारिश की गई है।


प्रशासन का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी सरकारी नियुक्तियों में इस तरह की ठगी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे योग्य अभ्यर्थियों का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा। इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी, विभागीय कार्रवाई और अन्य आवश्यक कदम उठाना जरूरी है।


इस पत्र की प्रतिलिपि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक, भोजपुर, नवादा और मधेपुरा के जिलाधिकारी तथा संबंधित शिक्षा अधिकारियों को भी भेजी गई है। अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग और राज्य सरकार की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस गंभीर मामले में कब और क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह बिहार में आउटसोर्सिंग बहाली प्रणाली पर एक बड़ा सवाल खड़ा करेगा और व्यापक सुधार की मांग को और मजबूत करेगा।