Bihar School News : बिहार के स्कूली छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों में शनिवार को हाफ-डे लागू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर जिले के असरगंज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की। नए नियम के तहत अब शनिवार को स्कूल केवल आधे दिन तक संचालित होंगे और टिफिन ब्रेक के बाद सभी छात्रों की छुट्टी कर दी जाएगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से अभिभावकों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों की ओर से शनिवार को आधे दिन की पढ़ाई की मांग की जा रही थी। हाल ही में बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठा था। इसके बाद शिक्षा विभाग को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भावना के अनुरूप लिया गया है, ताकि विद्यार्थियों पर पढ़ाई का संतुलित दबाव रहे और उन्हें खेल, रचनात्मक गतिविधियों तथा परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिल सके।


मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने गृह जिले मुंगेर के दौरे पर थे। असरगंज में राजकीय डिग्री कॉलेज के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब राज्य के सभी स्कूलों में शनिवार को केवल आधे दिन की कक्षाएं लगेंगी। टिफिन ब्रेक के बाद बच्चों को घर भेज दिया जाएगा। इस घोषणा का कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।


बीएड कॉलेजों में भी शुरू होंगे डिग्री कॉलेज

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के विस्तार को लेकर एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का लक्ष्य तय किया है। अब तक बिहार में 211 डिग्री कॉलेज शुरू किए जा चुके हैं और असरगंज में 212वें डिग्री कॉलेज का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में राज्य के सभी बीएड कॉलेजों में भी डिग्री कॉलेज संचालित किए जाएंगे, जिससे छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।


मॉडल स्कूलों का होगा विस्तार

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए मॉडल स्कूलों का दायरा लगातार बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल पर आधारित विद्यालयों की शुरुआत पहले 551 स्थानों पर की गई थी। अब 10 नए विद्यालयों के उद्घाटन के साथ इनकी संख्या बढ़कर 561 हो गई है। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में ऐसे विद्यालयों की संख्या और बढ़ाना है।


गांव में ही मिलेगी बेहतर शिक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि बिहार के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। इसके लिए गांव और प्रखंड स्तर पर आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए खेल मैदानों और आधुनिक खेल सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।


कई विकास योजनाओं का किया उद्घाटन

मुंगेर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने तारापुर के लौना स्थित सरस्वती विद्या निकेतन से 10 मॉडल विद्यालयों का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन किया। उन्होंने स्कूल का निरीक्षण कर शिक्षकों से शिक्षण पद्धति की जानकारी ली और छात्रों द्वारा तैयार विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।


इसके बाद मुख्यमंत्री हरपुर थाना पहुंचे, जहां उन्होंने नए थाना भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने थानाध्यक्ष कक्ष, हाजत और अन्य कमरों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। दौरे के अंतिम चरण में उन्होंने असरगंज राजकीय डिग्री महाविद्यालय में पठन-पाठन का औपचारिक शुभारंभ किया और स्थानीय लोगों से संवाद कर क्षेत्र की समस्याओं एवं विकास कार्यों पर चर्चा की।


सरकार का मानना है कि शनिवार को हाफ-डे व्यवस्था लागू होने से छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक और शारीरिक विकास के लिए भी पर्याप्त समय मिलेगा। यह फैसला राज्य की शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।