Bihar School News : बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग जल्द बड़ा कदम उठा सकता है। राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों से अपील की है कि वे कक्षा में प्रवेश करने से पहले अपना मोबाइल फोन प्रधानाध्यापक के पास जमा कर दें। उनका कहना है कि पढ़ाई के दौरान मोबाइल फोन बजने या कॉल आने से कक्षा का माहौल प्रभावित होता है और छात्रों की पढ़ाई में बाधा पहुंचती है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि फिलहाल यह शिक्षकों से किया गया अनुरोध है। यदि इसके बाद भी अपेक्षित सुधार नहीं दिखता है तो शिक्षा विभाग इस संबंध में औपचारिक निर्देश जारी कर सकता है। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित सभी अधिकारियों से कहा कि पहले शिक्षकों को इस व्यवस्था के महत्व के बारे में समझाया जाए, ताकि वे स्वेच्छा से इसका पालन करें।
पढ़ाई के दौरान नहीं होना चाहिए व्यवधान
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक जब कक्षा में पढ़ा रहे हों तो उनका पूरा ध्यान विद्यार्थियों पर होना चाहिए। यदि बार-बार मोबाइल फोन की घंटी बजती है या कॉल रिसीव करनी पड़ती है तो इससे पढ़ाई प्रभावित होती है। इसका नुकसान केवल शिक्षक का नहीं बल्कि विद्यार्थियों का भी होता है। इसलिए स्कूलों में अनुशासन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए मोबाइल के सीमित उपयोग की आवश्यकता है।
शिक्षकों की कमी दूर करने का भरोसा
बैठक में मंत्री ने जिले में शिक्षकों की कमी का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की चल रही स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद बांका सहित कई जिलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी। इससे स्कूलों में नियमित पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
कांवर यात्रा से पहले स्कूलों को संवारने के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को कांवर यात्रा मार्ग पर स्थित सरकारी विद्यालयों की विशेष साफ-सफाई और रंग-रोगन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिहार से होकर गुजरते हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों की साफ-सुथरी और व्यवस्थित छवि राज्य की सकारात्मक पहचान पेश करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय परिसरों की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि स्कूलों का वातावरण आकर्षक और व्यवस्थित दिखाई दे।
मेले के दौरान भी जारी रहे पढ़ाई
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कांवर मेले के दौरान किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मिड-डे मील योजना नियमित रूप से संचालित हो और सभी विद्यार्थी विद्यालय समय में कक्षा के अंदर पढ़ाई करते दिखाई दें। स्कूल समय के दौरान बच्चों का अनावश्यक रूप से बाहर घूमना स्वीकार्य नहीं होगा।
निर्माण कार्यों की भी हुई समीक्षा
बैठक में जिले के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्य, मॉडल स्कूल परियोजनाओं और शिक्षा विभाग की अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
इस समीक्षा बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावा क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान के अधिकारी, अभियंता तथा सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना, अनुशासन मजबूत करना और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करना था।