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03-Jan-2026 08:20 PM
By First Bihar
PATNA: राज्य में स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्धेश्य से परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परिवहन मंत्री ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी स्कूलों की ओर से संचालित वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन अनिवार्य होगा।
उन्होंने बताया कि नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जनवरी माह में सभी जिला परिवहन अधिकारियों की ओर से विशेष अभियान चलाकर स्कूल वाहनों की व्यापक जांच की जाएगी।
स्कूल वाहनों के लिए जारी प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं—
प्रत्येक स्कूल वाहन में वीएलटीडी, पैनिक बटन और जीपीएस सिस्टम अनिवार्य होगा।
सभी स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा, जिसकी रिकॉर्डिंग कम से कम 60 दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी। हालांकि 14 सीटर से कम क्षमता वाले वाहनों में सीसीटीवी अनिवार्य नहीं होगा।
सभी स्कूल वाहनों में स्पीड गवर्नर अनिवार्य रहेगा और अधिकतम गति सीमा 40 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है।
लाल बत्ती उल्लंघन, लेन अनुशासन भंग या अनाधिकृत व्यक्ति को वाहन चलाने देने जैसे मामलों में एक वर्ष में दो बार से अधिक दंडित चालक स्कूल वाहन नहीं चला सकेंगे।
तेज गति, खतरनाक ड्राइविंग या नशे में वाहन चलाने के मामले में एक बार भी दंडित चालक को स्कूल वाहन चलाने की अनुमति नहीं होगी।
आईपीसी, सीआरपीसी या पोक्सो एक्ट के तहत दोषसिद्ध चालकों को भी स्कूल वाहन संचालन से प्रतिबंधित किया गया है।
चालकों की नियुक्ति से पहले स्थायी पता एवं निकटतम दो रिश्तेदारों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा।
इसके अलावा सभी स्कूल बसों में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स, अग्निशामक यंत्र और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। साथ ही वाहनों के सभी वैध दस्तावेज—पंजीकरण प्रमाण पत्र, थर्ड पार्टी बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट—अद्यतन होने चाहिए। चालक के पास भारी मोटर वाहन (यात्री) का वैध ड्राइविंग लाइसेंस तथा कम से कम एक वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य किया गया है।