Bihar Education News: बिहार सरकार ने स्कूली बच्चों के भारी बस्ते को लेकर सख्त कदम उठाया है। शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी निजी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों को एनसीईआरटी की स्कूल बैग पॉलिसी का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी छात्र के स्कूल बैग का वजन उसके शरीर के कुल वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।


नई गाइडलाइन के अनुसार, यदि किसी बच्चे का वजन 25 किलोग्राम है तो उसके स्कूल बैग का वजन अधिकतम 2.5 किलोग्राम तक ही होना चाहिए। इसी तरह 20 किलो वजन वाले छात्र का बैग 2 किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इससे अधिक वजन पाए जाने पर इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।


शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के बैग की नियमित जांच की जिम्मेदारी शिक्षकों को सौंपी है। यदि किसी छात्र का बैग तय सीमा से अधिक भारी पाया जाता है तो इसकी जानकारी अभिभावकों को दी जाएगी और आने वाले कुछ सप्ताह तक विशेष निगरानी रखी जाएगी।


विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि स्कूल पढ़ाई के साथ खेल, कला और शारीरिक गतिविधियों को पर्याप्त समय दें, ताकि बच्चों का संतुलित विकास हो सके और मानसिक तनाव कम हो। इसके अलावा सभी स्कूल परिसरों में वजन मापने की मशीन लगाना अनिवार्य किया गया है, जिससे समय-समय पर बच्चों और उनके बैग का वजन जांचा जा सके।


सरकार का मानना है कि बच्चों पर पढ़ाई का अनावश्यक बोझ कम करना बेहद जरूरी है, क्योंकि भारी बैग बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहे हैं। कई स्वास्थ्य अध्ययनों में सामने आया है कि अधिक वजन वाला बैग उठाने से बच्चों की रीढ़, कंधों और पीठ पर दबाव बढ़ता है। इससे कम उम्र में ही पीठ दर्द, थकान, गलत बॉडी पोश्चर और अन्य शारीरिक समस्याएं होने लगती हैं।


शिक्षा विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे ऐसा टाइम-टेबल तैयार करें जिससे बच्चों को रोज अनावश्यक किताबें और कॉपियां लेकर स्कूल न आना पड़े। केवल जरूरी अध्ययन सामग्री ही बैग में रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।


सरकार ने साफ किया है कि यह नियम सरकारी और निजी दोनों स्कूलों पर समान रूप से लागू होंगे। नियमों का पालन नहीं करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों को होमवर्क और सिलेबस भी इस तरह तय करने को कहा गया है, जिससे बच्चों को गैरजरूरी किताबें और नोटबुक रोज ढोनी न पड़ें।


शिक्षा विभाग ने बताया कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और पंजाब जैसे कई राज्यों में पहले से स्कूल बैग के वजन को लेकर नियम लागू हैं। अब बिहार में भी एनसीईआरटी गाइडलाइंस के आधार पर इन नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।