PATNA:बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी शिक्षकों को प्रशिक्षण प्राप्त करने का एक और अवसर प्रदान किया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT)ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO)और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO) को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।


SCERT द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, वे शिक्षक जो विशेष परिस्थितियों के कारण निर्धारित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके थे, उन्हें अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य, विधानसभा चुनाव ड्यूटी, स्वास्थ्य संबंधी कारणों अथवा स्वीकृत अवकाश के चलते प्रशिक्षण से वंचित रहने वाले शिक्षकों को दोबारा प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।


इसके साथ ही शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 1 जून से 20 जून 2026 तक ग्रीष्मावकाश अवधि के दौरान आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग नहीं लेने वाले शिक्षकों के विरुद्ध किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई नहीं की जाएगी।शिक्षा विभाग के इस निर्णय से हजारों शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना है, जो विभिन्न प्रशासनिक एवं व्यक्तिगत कारणों से प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए थे।


विभाग का उद्देश्य सभी शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है। SCERT ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पात्र शिक्षकों की सूची तैयार कर उन्हें आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।


राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद महेन्द्रू, पटना-800006 (बिहार) STATE COUNCIL OF EDUCATIONAL RESEARCH & TRAINING MAHENDRU, PATNA-800006 (BIHAR) (शिक्षा विभाग, बिहार सरकार) ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (SSA) को पत्र भेजा है। जिसमें शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कतिपय कारणों से शिक्षक प्रशिक्षण में भाग नहीं लेने वाले शिक्षकों के प्रशिक्षण के संबंध में लिखा है। कहा है कि उपर्युक्त विषय एवं प्रसंग के संबंध में अंकित करना है कि विषयांकित शैक्षणिक सत्र में कुछ ऐसे भी शिक्षक, प्रशिक्षण से वंचित रह गए थे, जिनकी प्रतिनियुक्ति SIR के कार्यों एवं बिहार विधानसभा चुनाव के कारण या उनके स्वास्थ्य खराब होने/अवकाश में रहने के कारण प्रशिक्षण प्राप्त नहीं कर सके। 


उन सभी शिक्षकों को इस शैक्षणिक सत्र (2026-27) में प्राथमिकता के तौर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने का एक अवसर दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि दिनांक 01 जून, 2026 से ग्रीष्मावकाश प्रारंभ है, सूचना अनुसार इस अवकाश अवधि में कई शिक्षक पूर्व से योजना बनाकर मुख्यालय से बाहर जाने के ईच्छुक हैं। वैसे शिक्षक अपने योजना अनुसार मुख्यालय से बाहर जाते हैं एवं प्रशिक्षण में यदि भाग नहीं लेते है तो उनके विरूद्ध किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह ग्रीष्मावकाश की अवधि (01जून, 2026 से 20 जून, 2026 तक) के लिए लागू होगा। विदित हो कि मॉडल स्कूल के संचालन हेतु शिक्षकों का चयन किया जा चुका है एवं पीएम श्री विद्यालय भी संचालित होना है। ग्रीष्मावकाश के बाद उक्त विद्यालय में शिक्षण प्रक्रिया प्रारंभ किया जाना है। इस उद्देश्य से शिक्षकों का प्रशिक्षण कराना आवश्यक प्रतीत होता है। अंकनीय है कि यह प्रशिक्षण सिर्फ पाँच दिवसीय आवासीय है। इस प्रशिक्षण अवधि का क्षतिपूर्ति अवकाश भी देय होगा, जिसे शिक्षक इस कैलेंडर वर्ष (31 दिसंबर, 2026 तक) में उपभोग कर सकते है।