Bihar News: बिहार में 19 मई से शुरू होने वाले सहयोग शिविर को लेकर सरकार लगातार गंभीर रूख अपनाए हुए है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की ओर से वरीय पदाधाकारियों को जारी निर्देशों में कहा गया है कि शिविर में प्राप्त होने वाली जन शिकायतों का सतत अनुश्रवण किया जाएगा। इसके लिए वास्तविक समय निगरानी प्रणाली लागू होगी और इसका सहयोग पोर्टल से जुड़ाव होगा। यह सहयोग पोर्टल सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय स्तर पर कार्य करेगा।
सहयोग पोर्टल पर प्राप्त होने वाली जन शिकायतों का प्रभावी समाधान के उद्देश्य से उसका वर्गीकरण, निवारण, निवारण में विलंब आदि के कारणों का विश्लेषण किया जाएगा। इस विश्लेषण में जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित पदाधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
मुख्य सचिव ने पत्र में कहा है कि सहयोग शिविर की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी से अलग हटकर कोई दूसरे पदाधिकारी कर रहे हैं, तो शिविर की समाप्ति के बाद जिला पदाधिकारी को एक संक्षिप्त प्रतिवेदन भेजेंगे जिसमें आवेदकों/वादों के निष्पादन में संतोषजनक काम नहीं करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों की भी जानकारी दी जाएगी। इसी जानकारी के आधार पर संबंधित के खिलाफ आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बता दें कि नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पदभार ग्रहण करने के बाद ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली जनता की समस्या और शिकायतों के समाधान के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जन शिकायतों के निस्तारण की दिशा में सप्ताह के दो कार्य दिवस सोमवार एवं शुक्रवार को पहले से चल रहे कार्यक्रम के अलावा अब महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को ग्राम पंचायतों में सहयोग शिविर लगाने का निर्णय लिया गया है।
प्रखंड और पंचायतवार लगने वाले इस शिविर के लिए संबंधित इलाके के लोगों को 30 दिन पहले से आवेदन करने की सुविधा दी गई है। सरकार ने निर्देश जारी किया है कि लोगों की समस्या संबंधी शिकायतों का निपटारा 30 दिन के भीतर करना होगा। किन्हीं कारणवश समस्या का निराकण नहीं हो पा रहा है, तो इसकी अगली तिथि की लिखित जानकारी देते हुए पूरी सूचना पदाधिकारी आवेदक को देंगे।