BIHAR NEWS : बिहार में युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी कोशिशों को और तेज कर दिया है। रोजगार, स्वरोजगार और स्किल डेवलपमेंट से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा के दौरान कई महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि राज्य में रोजगार सृजन की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले सात महीनों के दौरान बिहार में 63 हजार 115 नए रोजगार अवसर तैयार किए गए हैं। इसके अलावा, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विकसित किए गए बिहार रोजगार सेतु पोर्टल के माध्यम से अब तक 68 हजार 822 युवाओं को उनकी योग्यता और क्षमता के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार से जोड़ा गया है।
इसी क्रम में शुक्रवार को पटना में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें रोजगार, कौशल विकास और युवाओं से जुड़ी योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक की अध्यक्षता विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने की। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने योजनाओं की वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘सात निश्चय-3’ के अंतर्गत संचालित योजनाओं पर विशेष फोकस किया गया। अधिकारियों ने बताया कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने की दिशा में भी कई कदम उठाए जा रहे हैं।
बैठक में कौशल विकास कार्यक्रमों की गुणवत्ता बढ़ाने, रोजगार के नए क्षेत्रों की पहचान करने और युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। बदलते समय के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग, डिजिटल तकनीक और आधुनिक उद्योगों से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को निजी क्षेत्र, स्वरोजगार और उद्यमिता से भी जोड़ना है। इसके लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों और रोजगारोन्मुखी योजनाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
बैठक में विदेशों में रोजगार के अवसरों को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि बिहार के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित करने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि उन्हें देश के साथ-साथ विदेशों में भी बेहतर रोजगार मिल सके।
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे सभी योजनाओं के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि तय समय सीमा के भीतर लक्ष्यों को पूरा करना जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
सरकार का मानना है कि कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार सृजन को एक साथ आगे बढ़ाकर ही युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। आने वाले समय में ‘सात निश्चय-3’ के तहत रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं को और व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी की जा रही है।राज्य सरकार की इन पहलों से उम्मीद की जा रही है कि बिहार के लाखों युवाओं को रोजगार, प्रशिक्षण और बेहतर भविष्य के नए अवसर मिलेंगे।