Bihar Job Scheme : बिहार के युवाओं के लिए अब रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की धूल फांकने की मजबूरी धीरे-धीरे खत्म होती नजर आ रही है। केंद्र और बिहार सरकार ने मिलकर एक ऐसी पहल शुरू की है, जो खास तौर पर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकती है। इस योजना के तहत इंटर पास युवाओं को मुफ्त ट्रेनिंग देकर बड़ी कंपनियों में नौकरी दिलाने की तैयारी की गई है। सरकार का दावा है कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद युवाओं को 100 प्रतिशत प्लेसमेंट दिया जाएगा।


दरअसल, यह पूरी पहल केंद्र सरकार की संस्था सीपेट (CIPET) और बिहार सरकार के बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन (BSDM) के सहयोग से चलाई जा रही है। योजना का मकसद बिहार के युवाओं को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित कर उन्हें उद्योगों की जरूरत के मुताबिक तैयार करना है, ताकि उन्हें रोजगार के लिए दिल्ली, पंजाब, गुजरात या दूसरे राज्यों में भटकना न पड़े।


सरकार की इस योजना में बिहार के सभी जिलों के युवा आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम योग्यता इंटर पास यानी 10+2 रखी गई है। वहीं उम्र सीमा 18 से 30 वर्ष निर्धारित की गई है। विभाग के अनुसार हर महीने प्रत्येक जिले से लगभग 40 युवाओं का चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर होगी। ऐसे में इच्छुक युवाओं को जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है।


चयनित युवाओं को चार महीने का विशेष इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग कोर्स कराया जाएगा। इस दौरान मशीन ऑपरेशन, इंडस्ट्रियल स्किल्स और कंपनियों की जरूरत के अनुसार तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि यह पूरा प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क होगा। युवाओं को ट्रेनिंग के दौरान रहने और खाने की सुविधा भी दी जाएगी। इसके साथ ही स्टाइपेंड की व्यवस्था भी की गई है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।


राज्य में फिलहाल इस योजना के तहत भागलपुर, हाजीपुर और बिहटा में आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। सबसे पहले हाजीपुर में सेंटर शुरू हुआ था, जिसके बाद भागलपुर और बिहटा में नए सेंटर बनाए गए। यहां युवाओं को आधुनिक मशीनों और इंडस्ट्री आधारित तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी। जानकारी के मुताबिक HURL जैसी बड़ी कंपनियों के साथ मिलकर भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।


आवेदन की प्रक्रिया भी काफी आसान रखी गई है। इच्छुक युवा अपने जिले के संयुक्त श्रम भवन या जिला नियोजन कार्यालय जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार लगभग हर महीने नए बैच शुरू किए जाते हैं।


इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्लेसमेंट व्यवस्था मानी जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि ट्रेनिंग पूरी करने वाले युवाओं को देश की बड़ी कंपनियों में नौकरी दी जाएगी। शुरुआती वेतन 16 हजार से 25 हजार रुपये प्रतिमाह तक हो सकता है। नौकरी देश के किसी भी हिस्से में मिल सकती है।


सरकार का मानना है कि अगर हर जिले से नियमित रूप से युवाओं का चयन होता रहा, तो हर साल हजारों युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। इससे न सिर्फ बेरोजगारी कम होगी, बल्कि बिहार के युवाओं का पलायन भी घटेगा। यही वजह है कि इस योजना को बिहार के युवाओं के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है।