Bihar road project: पथ निर्माण विभाग मेगा सड़क परियोजनाओं के लिए लैंड पुलिंग सिस्टम को लागू करने की तैयारी में है। इससे पहले भी विभाग ने इस मॉडल पर काम शुरू किया था, लेकिन योजना आगे नहीं बढ़ सकी थी। अब एक बार फिर इसे नए सिरे से लागू करने पर विचार किया जा रहा है।


लैंड पुलिंग योजना के तहत सड़क निर्माण के लिए जमीन का पारंपरिक तरीके से अधिग्रहण नहीं किया जाएगा और न ही जमीन मालिकों को सीधे भारी मुआवजा दिया जाएगा। इसके बजाय, जिस एलायनमेंट के तहत सड़क बनाई जानी है, उस क्षेत्र की जमीन को विभाग विकसित करेगा, जिससे उसकी कीमत कई गुना बढ़ जाएगी।


इस प्रक्रिया में आवश्यक जमीन का उपयोग सड़क निर्माण के लिए किया जाएगा, जबकि बची हुई विकसित जमीन को मालिकों को वापस कर दिया जाएगा। इससे किसानों को पारंपरिक मुआवजे से अधिक लाभ मिलने की संभावना है और उनकी जमीन भी आंशिक रूप से सुरक्षित रहेगी। इसके साथ ही, सड़क के लिए उपयोग की गई जमीन के बदले कुछ राशि भी दी जाएगी।


आने वाले समय में विभाग कई मेगा सड़क परियोजनाओं पर काम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इनमें ‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत चार एक्सप्रेस-वे और नए कॉरिडोर का निर्माण शामिल है, जिसके लिए कई जिलों में जमीन की आवश्यकता होगी। सरकार इन परियोजनाओं के लिए लैंड पुलिंग के माध्यम से जमीन की व्यवस्था कर सकती है।


वहीं, परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए पथ निर्माण विभाग ने हाइब्रिड एन्युटि मॉडल (HAM) पर भी काम शुरू कर दिया है। इस मॉडल के तहत सरकार कुल परियोजना लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा निर्माण कंपनी को किस्तों में देती है, जबकि शेष 60 प्रतिशत राशि कंपनी स्वयं निवेश करती है। इस निवेश की भरपाई कंपनी को अगले 10 से 15 वर्षों में टोल या अन्य माध्यमों से की जाती है।