Bihar Road Accident : बिहार में सड़क हादसों में घायल होने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति या उसके परिजनों को अस्पताल और इलाज के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं होगी। बस एक फोन कॉल पर मदद पहुंचाई जाएगी। बिहार पुलिस ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) के तहत नई व्यवस्था शुरू की है।
इस सुविधा के तहत सड़क हादसा होने पर पीड़ित या कोई भी मददगार व्यक्ति डायल 112 पर कॉल कर सकता है। कॉल मिलते ही बिहार पुलिस की इमरजेंसी टीम सक्रिय हो जाएगी और घायल को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने के साथ-साथ एंबुलेंस की व्यवस्था में मदद करेगी। इस पूरी प्रक्रिया को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सिस्टम से जोड़ा गया है, ताकि दुर्घटना के बाद इलाज में देरी न हो।
गोल्डन आवर में इलाज मिलने से बच सकती है जान
बिहार पुलिस के एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा यानी गोल्डन आवर बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान अगर घायल व्यक्ति को सही इलाज और चिकित्सा सहायता मिल जाए तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यही है कि हादसे के बाद मरीज को अस्पताल पहुंचाने और इलाज शुरू होने में लगने वाले समय को कम किया जा सके। अक्सर दुर्घटना के बाद लोग अस्पताल तलाशने, एंबुलेंस बुलाने और पैसे की व्यवस्था करने में समय गंवा देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है। अब इस परेशानी को दूर करने की कोशिश की गई है।
1.5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा
इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को प्रधानमंत्री राहत योजना के माध्यम से 1.5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। खास बात यह है कि इलाज शुरू कराने के लिए मरीज या उसके परिवार को पहले पैसे जमा करने की जरूरत नहीं होगी। सरकारी अस्पतालों के अलावा आयुष्मान भारत योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया शुरू होने के बाद संबंधित जानकारी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दर्ज की जाएगी।
13 फरवरी 2026 से लागू है योजना
एडीजी ट्रैफिक सुधांशु कुमार के अनुसार यह योजना 13 फरवरी 2026 से लागू कर दी गई है, लेकिन जानकारी के अभाव में अभी तक बहुत कम लोग इसका लाभ उठा पाए हैं। अब तक बिहार में सिर्फ 82 सड़क दुर्घटना पीड़ितों को इस सुविधा का फायदा मिला है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लोगों तक इस योजना की जानकारी पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है। इसलिए आम लोगों से अपील की जा रही है कि सड़क हादसा होने पर घबराएं नहीं और तुरंत 112 नंबर पर कॉल करें।
पैदल यात्री से लेकर वाहन चालकों तक सभी को मिलेगा लाभ
इस सुविधा का लाभ सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। सड़क पर दुर्घटना का शिकार होने वाले सभी लोगों को इसका फायदा मिलेगा। इसमें—
पैदल यात्री
साइकिल सवार
बाइक चालक
कार और अन्य वाहन से घायल लोग
शामिल हैं।
इसके अलावा हादसे में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले आम नागरिकों को भी सुरक्षा दी जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को अनावश्यक कानूनी कार्रवाई या पूछताछ का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सड़क हादसे में ऐसे करें मदद
अगर आपके सामने कोई सड़क दुर्घटना होती है तो सबसे पहले घायल व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करें और तुरंत 112 नंबर पर कॉल करें। पुलिस और इमरजेंसी सिस्टम के जरिए नजदीकी अस्पताल, एंबुलेंस और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।बिहार सरकार और पुलिस का मानना है कि इस पहल से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या को कम किया जा सकेगा। समय पर इलाज मिलने से गंभीर रूप से घायल लोगों की जान बचाई जा सकती है।अब जरूरत सिर्फ इतनी है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस सुविधा की जानकारी हो, ताकि किसी दुर्घटना के समय एक फोन कॉल किसी की जिंदगी बचा सके।