Bihar Bhoomi: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि 11 जून से शुरू होने वाले विशेष शिविर को महज औपचारिकता न समझें। निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति अंचल और राजस्व पदाधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। लक्ष्य हासिल करने में लापरवाही या पिछड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मंत्री ने बताया कि राजस्व महा-अभियान के दौरान प्राप्त आवेदनों के निष्पादन के लिए राज्य के सभी अंचलों में 11 से 17 जून तक विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। रविवार को भी शिविर जारी रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक आवेदनों का निपटारा किया जा सके।
सरकार ने सभी जिला पदाधिकारियों, बंदोबस्त पदाधिकारियों, अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं, अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों को इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर सफल बनाने का निर्देश दिया है।
मंत्री ने बताया कि विशेष शिविर के दौरान महा-अभियान में प्राप्त सभी आवेदनों की शत-प्रतिशत स्कैनिंग की जाएगी। साथ ही सभी आवेदनों को संबंधित ऑनलाइन पोर्टलों पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद तीसरे चरण में आवेदनों के त्वरित निष्पादन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
डॉ. जायसवाल ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य के अधिकांश जिलों में कार्यरत विशेष सर्वेक्षण अमीनों की सेवाएं भी ली जाएंगी। शिवहर, शेखपुरा, लखीसराय, जहानाबाद और अरवल को छोड़कर अन्य सभी जिलों के विशेष सर्वेक्षण अमीन इस कार्य में लगाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इन पांच जिलों में भूमि सर्वेक्षण कार्य को 15 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी वजह से वहां कार्यरत विशेष सर्वे कर्मियों को इस अभियान से अलग रखा गया है। मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम लोगों के भूमि और राजस्व संबंधी मामलों का त्वरित समाधान करना है, इसलिए सभी अधिकारियों को पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ अभियान को सफल बनाना होगा।