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24-Mar-2026 02:25 PM
By First Bihar
Bihar News: बिहार में हड़ताली राजस्व अधिकारियों को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। राजस्व और भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज द्वारा जारी विभागीय पत्र के आधार पर मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 25 मार्च 2026 तक कार्य पर लौटने में विफल रहने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार राजस्व सेवा के कुछ पदाधिकारियों द्वारा 9 मार्च 2026 से घोषित सामूहिक अवकाश न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि इससे आम जनता के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार जनहित और प्रशासनिक व्यवस्था के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा और उनके नेतृत्व में आयोजित होने वाले भूमि सुधार जनकल्याण संवाद जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के मद्देनज़र राजस्व पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। ऐसे समय में काम से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पदाधिकारियों को 25 मार्च 2026 की संध्या 5:00 बजे तक हर हाल में अपने पद पर लौटना अनिवार्य है। निर्धारित समयसीमा के बाद अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ सेवा टूट, वेतन कटौती और अन्य कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो अधिकारी समय पर कार्य पर लौट आते हैं, उनके मामलों में अवकाश अवधि के समायोजन पर नियमों के अनुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। इस चेतावनी के बाद राज्य के राजस्व अधिकारी अपनी हड़ताल समाप्त करने और कार्य पर लौटने के लिए मजबूर हो सकते हैं। उपमुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से अपील की है कि वे शीघ्र अपने दायित्वों का निर्वहन करें ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जानकारी हो कि,सरकारी अधिकारियों की हड़ताल के कारण कई मामलों में जनता को परेशानी उठानी पड़ी थी, जिसके चलते राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है। अधिकारियों के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि किसी भी स्थिति में नियमों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री की चेतावनी को गंभीरता से लेने और 25 मार्च तक कार्य पर लौटने वाले अधिकारियों को सरकार नियमों के तहत उचित समायोजन और सहानुभूति देगी। वहीं, जो अधिकारी समयसीमा तक अनुपस्थित रहेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इस प्रकार बिहार सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता और प्रशासनिक व्यवस्था की प्राथमिकता सबसे ऊपर है, और किसी भी हड़ताल या सामूहिक अवकाश से इससे समझौता नहीं किया जाएगा।