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06-Mar-2026 08:50 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बिहार सरकार ने राजस्व सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों को इंटरनेट मीडिया पर सरकार की नीतियों की आलोचना करने से सख्ती से मना किया है। कई अंचलाधिकारियों और राजस्व अधिकारियों की प्रतिकूल टिप्पणियों के बाद यह निर्णय लिया गया है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने शुक्रवार को अंचलाधिकारियों और राजस्व अधिकारियों के नाम आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि इंटरनेट मीडिया पर सरकार की नीतियों की आलोचना करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आएगा और ऐसा करने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पत्र में बताया गया है कि उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा पिछले दो महीनों से प्रमंडलीय और जिला मुख्यालयों में भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम चला रहे हैं। लेकिन राजस्व प्रशासन से जुड़े कुछ अधिकारी और कर्मचारी इंटरनेट मीडिया पर इस कार्यक्रम की प्रतिकूल टिप्पणियां कर रहे हैं, जो सरकारी सेवक के आचरण के खिलाफ है।
पत्र में बिहार सरकारी सेवक (आचरण) नियमावली, 1976 के नियम 10 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि कोई भी सरकारी सेवक रेडियो प्रसारण, लेख या किसी भी माध्यम से भारत सरकार या राज्य सरकार की किसी नीति या कार्य की आलोचना नहीं कर सकता। ऐसा करना अनुशासनहीनता माना जाएगा।
इसके अलावा नियम 9 के तहत बिना स्पष्ट निर्देश के कोई भी सरकारी कर्मचारी समाचार पत्र या रेडियो में सरकार से संबंधित सूचना नहीं दे सकता। इसी के तहत इंटरनेट मीडिया पर सरकार की नीतियों के खिलाफ रील या वीडियो बनाकर विभिन्न प्लेटफॉर्म पर साझा करना भी प्रतिबंधित है।
प्रधान सचिव ने अपने पत्र में कहा है कि सरकारी सेवकों को अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखना चाहिए। राजस्व प्रशासन से जुड़े कर्मियों द्वारा जन कल्याण संवाद कार्यक्रम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करना आचार संहिता के विरुद्ध माना जाएगा और ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।