Bihar News: बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और हड़ताली राजस्व कर्मचारियों के बीच बातचीत अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल और बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के बीच हुई वार्ता में कई अहम मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।


सबसे महत्वपूर्ण फैसले के तहत राजस्व कर्मचारी का पदनाम बदलकर “सहायक राजस्व अधिकारी” करने पर सहमति बनी है। प्रधान सचिव ने इस बदलाव की अनुशंसा करने की बात कही है, जिसे मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भेजा जाएगा।


हड़ताल अवधि को लेकर भी समाधान निकलता दिख रहा है। तय हुआ है कि हड़ताल के दौरान कर्मचारियों की सेवा प्रभावित नहीं मानी जाएगी और इस अवधि को असाधारण अवकाश के रूप में समायोजित किया जाएगा।


वहीं, राजस्व सेवा संघ के प्रवक्ता ने कहा है कि उन्हें सरकार की ओर से सकारात्मक बातचीत की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि उनकी मांगें नई नहीं हैं और संवर्ग के अधिकारियों को डीसीएलआर बनाने को लेकर सरकार पहले ही सैद्धांतिक सहमति दे चुकी है। इस मांग के पक्ष में पटना हाई कोर्ट का आदेश भी मौजूद है।


इसी बीच विभाग के अपर सचिव डा. महेंद्र पाल ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर हड़ताल के दौरान निलंबित किए गए राजस्व कर्मचारियों को बहाल करने की अनुशंसा की है। ये कर्मचारी 11 फरवरी से हड़ताल पर हैं और बड़ी संख्या में निलंबित किए गए थे।


उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में राजस्व कर्मचारियों की अहम भूमिका होती है, इसलिए उन्हें जल्द बहाल किया जाना आवश्यक है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि लंबे समय से जारी इस विवाद का समाधान जल्द निकल सकता है।