PATNA:राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल ने 9 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आरोप पत्र एवं दंड के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। भ्रष्टाचार और सरकारी काम में घोर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर विभाग ने सख्त कदम उठाया है। मंत्री दिलीप जायसवाल के इस फैसले से अंचल कार्यालयों से लेकर मुख्यालय में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार और सरकारी कार्यों में लापरवाही के आरोपों को लेकर 9 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनके खिलाफ दाखिल-खारिज में अनियमितता, सरकारी जमीन की फर्जी जमाबंदी कायम करने और डिजिटल डोंगल के कथित दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। विभाग की ओर से कहा गया है कि आम लोगों से जुड़े कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामलों में सख्ती बरती जाएगी।
इस कार्रवाई में अमोद कुमार के खिलाफ 2 अलग-अलग मामलों में दंड का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। पहले मामले में दाखिल-खारिज की गलत अनुशंसा करने के आरोप में उनकी पेंशन से 10 प्रतिशत राशि 5 साल तक काटने का आदेश दिया गया है। वहीं, गलत पारिवारिक सूची के आधार पर अनुशंसा करने के दूसरे मामले में उनकी पेंशन से 15 प्रतिशत राशि पांच वर्षों तक काटने का निर्णय लिया गया है।
चंदन कुमार पर OFFLINE जमाबंदी को ONLINE करने में कथित अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप है। अब उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। जबकि पियुष मिश्रा के खिलाफ बेलछी अंचल कार्यालय के खाते से निकासी से संबंधित मामला सामने आया है। उनके खिलाफ भी आरोप पत्र गठित करने की कार्रवाई की गई है। वही गैरमजरुआ खास भूमि की रैयती जमाबंदी कायम करने का आरोप अरुण कुमार सक्सेना पर है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
मणि कुमार वर्मा पर डिजिटल डोंगल के कथित अवैध इस्तेमाल के जरिए दाखिल-खारिज के मामलों का निपटारा करने का आरोप लगा है। इस मामले में उनके खिलाफ आरोप पत्र गठित किया गया है। एक साथ 9 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई से विभाग में काम करने वाले लोगों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। किन लोगों पर कार्रवाई की गई है, नीचे लिस्ट में देखें...
पटना से रजनीश रमण की रिपोर्ट