EOU Advisory : बिहार में आगामी दिनों में होने वाली दो महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने अभ्यर्थियों और आम लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। EOU ने आशंका जताई है कि असामाजिक तत्व और साइबर ठग सोशल मीडिया तथा फर्जी कॉल के माध्यम से परीक्षा से जुड़ी अफवाहें फैलाकर अभ्यर्थियों को ठगी का शिकार बना सकते हैं। ऐसे में उम्मीदवारों को पूरी तरह सतर्क रहने की सलाह दी गई है।  


दरअसल, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) द्वारा बिहार होमगार्ड पद के लिए लिखित परीक्षा 10 और 12 जून 2026 को आयोजित की जानी है। वहीं केंद्रीय चयन पर्षद (CSBC) की ओर से  सिपाही, चलंत दस्ता सिपाही और जेल वार्डन भर्ती परीक्षा 14 और 17 जून 2026 को विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। इन परीक्षाओं में लाखों अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।  


EOU ने कहा है कि परीक्षा के दौरान कुछ साइबर अपराधी और असामाजिक तत्व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग कर फर्जी सूचनाएं फैला सकते हैं। इसके अलावा, परीक्षा के प्रश्नपत्र या उत्तर उपलब्ध कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से पैसे की मांग कर ठगी करने की कोशिश भी की जा सकती है। ऐसे मामलों में उम्मीदवारों को किसी भी प्रकार के लालच में नहीं आने की सलाह दी गई है।  


आर्थिक अपराध इकाई ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी अभ्यर्थी को फोन कॉल, ई-मेल, व्हाट्सएप संदेश या सोशल मीडिया के माध्यम से यह दावा किया जाता है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र या उत्तर उपलब्ध कराया जा सकता है, तो वह तुरंत सतर्क हो जाए। ऐसे मामलों की सूचना नजदीकी थाना या साइबर थाना को तत्काल देने की अपील की गई है।  


एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति को परीक्षा से संबंधित कोई भ्रामक या अफवाह फैलाने वाला संदेश प्राप्त होता है तो उसे किसी अन्य व्यक्ति या समूह में फॉरवर्ड नहीं करना चाहिए। कई बार गलत सूचनाएं तेजी से वायरल होकर अभ्यर्थियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर देती हैं, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता और शुचिता प्रभावित हो सकती है।  


EOU ने अभ्यर्थियों से यह भी कहा है कि यदि सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र वायरल होने या पेपर लीक होने का कोई दावा सामने आता है, तो उसकी जानकारी संबंधित पोस्ट के लिंक (URL) सहित तुरंत पुलिस या साइबर थाना को उपलब्ध कराएं, ताकि उसकी सत्यता की जांच कर दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके।  


किसी भी संदिग्ध गतिविधि, पेपर लीक की सूचना या परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका से संबंधित जानकारी अभ्यर्थी आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना के मोबाइल/व्हाट्सएप नंबर 9031829067 तथा  ई-मेल [digeou-bih@gov.in](mailto:digeou-bih@gov.in) पर भेज सकते हैं। इसके अलावा साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतों के लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी संपर्क किया जा सकता है।  


EOU ने चेतावनी दी है कि परीक्षा में कदाचार, पेपर लीक या अनुचित साधनों के उपयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लागू  The Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024  के तहत दोषियों को 10 वर्ष तक की सजा और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता, 2023 में भी ऐसे अपराधों के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं।  


बिहार में लगातार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सामने आ रही अफवाहों और साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए यह एडवाइजरी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित एजेंसियों को दें, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखा जा सके।