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Bihar News: CO संघ की हड़ताल आज भी जारी, डिप्टी CM के साथ मीटिंग के बाद भी नहीं बनी बात, क्या चाहते हैं आंदोलनकारी अफसर....

बिहार राजस्व सेवा संघ (BiRSA) की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी। HC आदेश को लागू करने की मांग पर अड़े हैं।

03-Feb-2026 08:51 AM

By First Bihar

Bihar News : बिहार में राजस्व सेवा संघ के पदाधिकारियों की हड़ताल लगातार जारी है। यह हड़ताल पिछले कुछ दिनों से राज्य प्रशासन और संघ के बीच चल रहे विवाद का हिस्सा है। हालाँकि कल शाम, बिहार राजस्व सेवा संघ के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने विभागीय मंत्री और अधिकारियों के साथ बैठक कर अपने मुद्दों को रखा था और हड़ताल समाप्त करने पर अस्थायी सहमति भी बनी थी, लेकिन अब संघ ने पुनः घोषणा की है कि हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं होता।


बिहार राजस्व सेवा संघ (BiRSA) और बिहार राजस्व सेवा संघ यूनाइटेड (BirSA-U) के सभी सदस्यों ने संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया है। संघ के अनुसार, दिनांक 29 जनवरी 2026 को मंत्रिपरिषद् द्वारा पारित निर्णय संख्या 23 और 30 के प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की जा रही है। इसके अलावा, संघ यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बिहार राजस्व सेवा के पदाधिकारी बिहार राजस्व द्वितीय प्रोन्नति के पद भूमि सुधार उपसमाहर्ता पर पदस्थापित हों और उच्च न्यायालय, पटना के CWJC-5902/2024 और MJC-2380/2025 में दिए गए आदेशों और निर्देशों का पालन किया जाए। इसी के तहत संघ के सभी पदाधिकारी 2 फरवरी 2026 से अनिश्चितकालीन अवकाश पर चले गए।


कल शाम आयोजित बैठक उपमुख्यमंत्री-सह-राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्रधान सचिव, सचिव और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। संघ और विभाग के बीच इस बैठक में सार्थक और सकारात्मक बातचीत हुई। उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि मंत्रिपरिषद द्वारा 29 जनवरी 2026 को लिए गए निर्णय क्रमांक 23 और 30 के प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाएगा। इसके लिए एक त्रिसदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा और संबंधित अधिसूचना शीघ्र जारी की जाएगी।


उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि संघ के साथ विचार-विमर्श कर सभी व्यावहारिक कठिनाइयों का निराकरण किया जाएगा। इस बैठक के बाद संघ ने सभी सदस्यों के साथ विचार-विमर्श कर यह निर्णय लिया कि तब तक अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश जारी रहेगा जब तक मंत्रिपरिषद् का निर्णय वापस नहीं लिया जाता और उच्च न्यायालय का आदेश लागू नहीं होता।


राजस्व सेवा संघ ने इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने संघ की मांगों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है। संघ ने यह भी उम्मीद जताई कि राज्य सरकार पटना उच्च न्यायालय के आदेश का शीघ्र अनुपालन करेगी और राजस्व सेवा के अधिकारियों की समस्याओं का समाधान करेगी।


इस हड़ताल से राज्य में राजस्व सेवा के कार्यों में अस्थायी व्यवधान आया है, लेकिन संघ का कहना है कि यह कदम मजबूरी में उठाया गया है। संघ का मानना है कि पदाधिकारियों के हितों की रक्षा और न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। संघ का यह भी कहना है कि बातचीत और सकारात्मक संवाद के माध्यम से ही समस्या का समाधान संभव है और यही वजह है कि उन्होंने मंत्री और विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में सहयोग किया।


राजस्व सेवा संघ का यह कदम राज्य प्रशासन और राजस्व सेवा पदाधिकारियों के बीच संतुलन और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संघ ने स्पष्ट किया कि उनकी हड़ताल का उद्देश्य केवल प्रशासन और अधिकारियों के बीच सामंजस्य और नियमों के अनुसार पदाधिकारियों के अधिकारों की रक्षा करना है, न कि किसी प्रकार की सरकारी प्रक्रिया में बाधा डालना।


राजस्व सेवा संघ ने यह भी कहा कि राज्य सरकार और उपमुख्यमंत्री के आश्वासन के आधार पर आगे की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाएगा। हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और न्यायालय के आदेश का पालन नहीं होता। यह हड़ताल राज्य प्रशासन और राजस्व सेवा अधिकारियों के बीच सामंजस्य और न्याय सुनिश्चित करने का प्रतीक बन गई है।