Bihar News : बिहार में रेल यात्रियों की बढ़ती संख्या और रेलवे स्टेशनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए रेल पुलिस की व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे से जुड़े मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य में दो नए रेल पुलिस अनुमंडल बनाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। इसके अलावा चार नए रेल सर्किल और तीन नए रेल थाने गठित करने की भी तैयारी है।


पुलिस मुख्यालय की ओर से तैयार प्रस्ताव के मुताबिक नालंदा के राजगीर और रोहतास के सासाराम में नए रेल पुलिस अनुमंडल बनाए जाएंगे। इन दोनों अनुमंडलों की जिम्मेदारी डीएसपी स्तर के अधिकारियों को दी जाएगी। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद बिहार में रेल पुलिस अनुमंडलों की संख्या 12 से बढ़कर 14 हो जाएगी।


राजगीर और सासाराम में क्यों बढ़ाई जा रही पुलिस व्यवस्था?

राजगीर और सासाराम समेत बिहार के कई रेलवे स्टेशनों पर पिछले कुछ वर्षों में यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। रेलवे नेटवर्क के विस्तार और महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों से जुड़ाव के कारण इन इलाकों में रेल यातायात भी बढ़ा है।


ऐसे में किसी आपराधिक घटना, चोरी, छिनतई, विवाद या यात्रियों से संबंधित शिकायत पर त्वरित कार्रवाई के लिए स्थानीय स्तर पर रेल पुलिस की मजबूत व्यवस्था जरूरी मानी जा रही है। नए अनुमंडल बनने से इन क्षेत्रों में रेल पुलिस की निगरानी और जवाबदेही बढ़ेगी।


चार जगहों पर नए रेल सर्किल का प्रस्ताव

रेल पुलिस के विस्तार की योजना सिर्फ दो नए अनुमंडलों तक सीमित नहीं है। पुलिस मुख्यालय ने चार नए रेल सर्किल कार्यालय बनाने का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा है।


प्रस्ताव के मुताबिक नालंदा के राजगीर, गोपालगंज के थावे, खगड़िया और पूर्णिया में नए रेल सर्किल बनाए जाएंगे। इन सर्किलों में इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।


इस व्यवस्था का उद्देश्य रेलवे से जुड़े मामलों की निगरानी को स्थानीय स्तर पर मजबूत करना और अलग-अलग रेल थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।


राजेंद्र नगर टर्मिनल समेत तीन नए रेल थाने

पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल, नालंदा के हिलसा और कटिहार के कुर्सेला में भी नए रेल थाने बनाने का प्रस्ताव है।


फिलहाल राजेंद्र नगर टर्मिनल पर जीआरपी पुलिस पोस्ट के रूप में तैनात है। इसकी निगरानी पटना जंक्शन रेल थाने के माध्यम से होती है। लेकिन राजेंद्र नगर टर्मिनल पर लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या और ट्रेन परिचालन के दबाव को देखते हुए यहां अलग रेल थाना बनाने की जरूरत महसूस की गई है।


इसी तरह हिलसा और कुर्सेला में भी यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने का प्रस्ताव है।


मंजूरी मिली तो बढ़ेगी रेल पुलिस की ताकत

पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव को राज्य सरकार से मंजूरी मिलने के बाद बिहार में रेल पुलिस का ढांचा पहले की तुलना में काफी विस्तृत हो जाएगा।


वर्तमान में राज्य में चार रेल जिले—पटना, मुजफ्फरपुर, कटिहार और जमालपुर हैं। इनके अंतर्गत 12 रेल पुलिस अनुमंडल और 17 रेल अंचल काम कर रहे हैं। राज्य में कुल 69 रेल पुलिस स्टेशन हैं, जिनमें चार रेल साइबर थाने भी शामिल हैं।


नए प्रस्ताव के लागू होने के बाद रेल अंचलों की संख्या 17 से बढ़कर 21 और रेल थानों की संख्या 69 से बढ़कर 72 हो जाएगी।


यात्रियों को क्या फायदा होगा?

नई व्यवस्था लागू होने के बाद रेलवे स्टेशनों और रेल मार्गों पर होने वाली आपराधिक घटनाओं की निगरानी बेहतर होने की उम्मीद है। यात्रियों की शिकायतों पर स्थानीय स्तर पर कार्रवाई तेज हो सकती है। साथ ही, चोरी, छिनतई, यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार और अन्य रेल अपराधों की जांच में भी पुलिस को सहूलियत मिलेगी।


बिहार में रेलवे यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में रेल पुलिस के मौजूदा ढांचे का विस्तार यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर राज्य सरकार की मंजूरी पर है। प्रस्ताव स्वीकृत होते ही नए अनुमंडल, सर्किल और थानों के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।