Bihar Railway News : दीपावली और छठ महापर्व आते ही बिहार के रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगती है। दिल्ली, मुंबई, पंजाब, हरियाणा और देश के दूसरे शहरों में काम करने वाले लाखों लोग त्योहार मनाने के लिए अपने घर लौटते हैं। ऐसे में ट्रेनों में जगह पाने से लेकर स्टेशन पर टिकट लेने तक यात्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासकर पटना जंक्शन, दानापुर और राजेंद्रनगर टर्मिनल जैसे प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ संभालना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।
लेकिन इस बार दीपावली और छठ के दौरान यात्रियों को स्टेशन पर धक्का-मुक्की और लंबी कतारों से बचाने के लिए पूर्व मध्य रेल ने विशेष तैयारी की है।रेलवे ने भीड़ प्रबंधन को लेकर ऐसा प्लान तैयार किया है, जिसमें टिकट काउंटर बढ़ाने से लेकर स्टेशन के बाहर अस्थायी होल्डिंग एरिया बनाने तक की व्यवस्था शामिल है। इसका मकसद है कि त्योहार के समय यात्रियों को स्टेशन पर कम से कम परेशानी हो और भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
20 प्रमुख स्टेशनों पर बढ़ेंगे टिकट काउंटर, जनरल टिकट के लिए नहीं लगानी होगी लंबी कतार
त्योहारों के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी जनरल टिकट लेने वाले यात्रियों को होती है। ट्रेनों के रवाना होने का समय नजदीक आते ही टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार इसी वजह से यात्रियों को ट्रेन छूटने का डर सताने लगता है।इस समस्या को देखते हुए पूर्व मध्य रेल ने पटना जंक्शन, दानापुर, राजेंद्रनगर टर्मिनल और पाटलिपुत्र समेत जोन के 20 प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त टिकट काउंटर खोलने की तैयारी की है। इससे टिकट वितरण की क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों को कम समय में टिकट मिल सकेगा। इसके अलावा ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों (ATVM) पर विशेष फैसिलिटेटरों की तैनाती की जाएगी। ये कर्मचारी यात्रियों को मशीन से टिकट निकालने में मदद करेंगे। खासकर उन लोगों को इसका फायदा मिलेगा, जिन्हें मशीन से टिकट लेने की प्रक्रिया की जानकारी नहीं है।
स्टेशन के बाहर बनेगा होल्डिंग एरिया, ट्रेन आने पर ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी एंट्री
इस बार रेलवे की भीड़ प्रबंधन योजना में सबसे अहम बदलाव स्टेशन के बाहर देखने को मिलेगा। प्लेटफॉर्म पर एक साथ हजारों यात्रियों के पहुंचने से अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो सकती है। कई बार फुट ओवरब्रिज और प्रवेश द्वारों पर भी भीड़ का दबाव बढ़ जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रमुख स्टेशनों के भवनों के बाहर बड़े अस्थायी होल्डिंग एरिया तैयार किए जा रहे हैं। यहां यात्रियों को ट्रेन के समय के हिसाब से व्यवस्थित तरीके से बैठाया और रोका जाएगा। जब संबंधित ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने या रवाना होने का समय नजदीक होगा, तभी यात्रियों को क्रमबद्ध तरीके से प्लेटफॉर्म की ओर भेजा जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ जमा होने से रोकना है। खासकर त्योहारों के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बनने की आशंका को कम करने के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।
मेगा फोन से होगी निगरानी, फुट ओवरब्रिज पर भी नहीं जमा होने दी जाएगी भीड़
स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और कॉमर्शियल विभाग के कर्मचारियों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। ये कर्मचारी मेगा फोन और मेगा माइक के जरिए लगातार अनाउंसमेंट करेंगे। यात्रियों को बताया जाएगा कि किस ट्रेन के लिए कब और किस दिशा से प्लेटफॉर्म पर जाना है। फुट ओवरब्रिज, प्रवेश द्वार और निकास द्वारों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। कोशिश होगी कि यात्री एक ही जगह पर खड़े न रहें और स्टेशन के भीतर आवाजाही लगातार बनी रहे। इसके लिए रेलवे के कॉमर्शियल कर्मचारियों की अतिरिक्त शिफ्ट भी लगाई गई है, ताकि टिकट वितरण, पूछताछ और यात्रियों को जरूरी जानकारी देने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
होल्डिंग एरिया में पानी, शेड और मोबाइल टॉयलेट की सुविधा
रेलवे की तैयारी केवल भीड़ को नियंत्रित करने तक सीमित नहीं है। यात्रियों को इंतजार के दौरान बुनियादी सुविधाएं मिलें, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है।स्टेशनों के बाहर बनाए जा रहे होल्डिंग एरिया में यात्रियों के लिए अस्थायी शेड लगाए जाएंगे। यहां 24 घंटे हेल्प डेस्क काम करेंगे, जहां यात्री ट्रेन, प्लेटफॉर्म और दूसरी जरूरी जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे।इसके अलावा पीने के पानी के लिए अतिरिक्त टैंकर लगाए जाएंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए अस्थायी मोबाइल टॉयलेट की भी व्यवस्था की जा रही है। इससे खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ सफर करने वाले परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
छठ पर घर लौटने वालों के लिए कितनी बड़ी होगी राहत?
बिहार में छठ महापर्व का विशेष महत्व है। इस दौरान दूसरे राज्यों में रहने वाले बिहार के लोग बड़ी संख्या में अपने गांव और घर लौटते हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशनों पर सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक भीड़ देखने को मिलती है। रेलवे की नई व्यवस्था लागू होने से टिकट काउंटरों पर भीड़ कम करने, प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की आवाजाही नियंत्रित करने और इंतजार के दौरान जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। अब देखना होगा कि दीपावली और छठ के दौरान रेलवे की यह तैयारी जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है। फिलहाल रेलवे का पूरा जोर यही है कि त्योहार मनाने घर लौट रहे यात्रियों का सफर स्टेशन की भीड़ और अव्यवस्था के बीच नहीं, बल्कि सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से शुरू हो।