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24-Dec-2025 12:19 PM
By First Bihar
Bihar News: बिहार की सड़कों पर चलने वाले सार्वजनिक परिवहन वाहनों—बस, ऑटो और टैक्सी—को लेकर परिवहन विभाग ने अब तक का सबसे सख्त निर्देश जारी किया है। यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर के बाद बिना पैनिक बटन और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) से लैस कोई भी सार्वजनिक वाहन सड़क पर संचालित नहीं होना चाहिए।
मंत्री ने चेतावनी दी है कि 1 जनवरी से ऐसे वाहनों के खिलाफ बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर न केवल वाहनों के चालान काटे जाएंगे, बल्कि उनका फिटनेस सर्टिफिकेट भी रद्द किया जाएगा। इससे वाहन मालिकों और संचालकों पर सीधा असर पड़ेगा।
मंगलवार को विश्वेश्वरैया भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान परिवहन मंत्री ने अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि जिन वाहनों में वीएलटीडी लगा है, लेकिन वह लंबे समय से रिचार्ज नहीं होने के कारण निष्क्रिय हैं, उन्हें तत्काल सक्रिय कराया जाए। बैठक में यह भी सामने आया कि राज्य में पंजीकृत कुल 1,24,962 सार्वजनिक सेवायानों में से मात्र 46 प्रतिशत वाहनों में ही वीएलटीडी उपकरण लगे हुए हैं।
चिंता की बात यह है कि इनमें से भी कई वाहनों में लगे उपकरण सिर्फ कागजों में सक्रिय हैं और वास्तविक रूप से काम नहीं कर रहे हैं। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर तक यदि वीएलटीडी उपकरण का रिचार्ज नहीं कराया गया, तो संबंधित वाहन के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग का मानना है कि पैनिक बटन और वीएलटीडी के अनिवार्य उपयोग से न केवल आपात स्थिति में यात्रियों को तुरंत मदद मिल सकेगी, बल्कि वाहनों की निगरानी भी बेहतर होगी। इससे महिला यात्रियों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और सड़क परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी। विभाग ने वाहन मालिकों से समय रहते नियमों का पालन करने की अपील की है।