Bihar Education News: बिहार के सभी जिलों में संचालित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की जांच कराने के लिए जुलाई माह में सघन अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने 1 जुलाई से लेकर 31 जुलाई तक विशेष जांच अभियान चलाने की तिथि निर्धारित किया है। इसको लेकर शिक्षा विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों के पास पत्र भेजा है।


शिक्षा विभाग के स्तर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के आलोक में बिहार राज्य के बच्चों की मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली 2011 लागू है। समय-समय पर उक्त प्रावधानों के अनुपालन के लिए विभागीय स्तर पर अधिसूचना, पत्र, दिशा-निर्देश जारी किये जाते रहे हैं, जिसके आलोक में निजी विद्यालयों द्वारा मान्यता प्राप्त करने के लिए मानक के अनुरूप आवेदन दिए जाते हैं। अधिकृत अधिकारियों द्वारा स्थलीय जांच एवं जिला स्तरीय समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में निजी विद्यालयों को मान्यता दी जाती है।


सचिव ने कहा कि विद्यालयों को प्रस्वीकृति विभिन्न शर्तों के साथ तीन वर्षों के लिए औपबंधिक रूप से दी जाती है। उसकी अवधि समाप्त हो जाने के उपरांत प्राप्त आवेदन मानक के अनुरूप पाये जाने पर उक्त समिति द्वारा उन विद्यालयों का नवीनीकरण किया जाता है। वहीं राज्य सरकार के स्तर से मान्यता की शर्तों को पूरा करना सुनिश्चित करने तथा विद्यालय संचालन से संबंधित कठिनाईयों को दूर करने के लिए समय-समय पर निर्गत आदेशों का अनुपालन विद्यालय द्वारा किया जाएगा।


सचिव के स्तर से जारी इस पत्र में कहा गया है कि सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप जिन निजी विद्यालयों को मान्यता प्रदान की गई है उसकी जांच करने के लिए 1 जुलाई से 31 जुलाई तक सघन जांच कराने का निर्णय लिया गया है, ताकि यह पता चल सके कि मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय निर्धारित मानकों के तहत संचालित हो रहे हैं। उन्होंने सभी प्रमंडलीय आयुक्त से अनुरोध किया है कि वे अपने प्रमंडल अंतर्गत सभी जिलाधिकारी, उपविकास आयुक्त, एसडीएम, डीईओ, बीडीओ एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश देकर निर्धारित अवधि में मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की जांच कराना सुनिश्चत करें।