Bihar News: बिहार में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल की है। अब राज्य में निजी एंबुलेंस को भी 102 और 112 सेवा से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इससे दुर्घटना, गंभीर बीमारी या अन्य आपात स्थिति में मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही, निजी एंबुलेंस संचालकों की मनमानी और मरीजों से अधिक किराया वसूलने पर भी रोक लग सकेगी।



स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जरूरत पड़ने पर मरीजों को बिना देरी के अस्पताल पहुंचाने के लिए पर्याप्त एंबुलेंस उपलब्ध हों। इसके लिए राज्य में संचालित निजी एंबुलेंस की मैपिंग की जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत पता लगाया जा रहा है कि किस क्षेत्र में कितनी निजी एंबुलेंस उपलब्ध हैं और आपात स्थिति में उनका किस तरह उपयोग किया जा सकता है।




निजी एंबुलेंस को 102 और 112 सेवा से जोड़ने के बाद आपातकालीन स्थिति में उपलब्ध वाहनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा। सभी निजी एंबुलेंस की मैपिंग पूरी होने के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को एंबुलेंस उपलब्ध कराने की व्यवस्था तैयार की जाएगी।



राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के अनुसार, इस व्यवस्था से सरकारी और निजी एंबुलेंस सेवाओं के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिसका लाभ अंततः मरीजों को मिलेगा। इस पहल से खासकर उन इलाकों में फायदा होने की उम्मीद है, जहां सरकारी एंबुलेंस की संख्या कम है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अधिक एंबुलेंस उपलब्ध होने से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सकेगा।




फिलहाल कई निजी एंबुलेंस संचालक अपनी सुविधा के अनुसार मरीजों से किराया वसूलते हैं। नई व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य विभाग निजी एंबुलेंस का किराया निर्धारित करेगा। इसका उद्देश्य एंबुलेंस संचालकों के हितों का ध्यान रखते हुए मरीजों को आर्थिक शोषण से बचाना है।



प्रस्तावित व्यवस्था में एंबुलेंस का किराया प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय किया जाएगा। निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई संचालक तय राशि से अधिक पैसे लेता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान होगा।




नई व्यवस्था के तहत आपात स्थिति में कॉल सेंटर पर फोन आने के बाद उपलब्ध एंबुलेंस के आधार पर मरीज को सेवा प्रदान की जाएगी। इसमें सरकारी और निजी, दोनों तरह की एंबुलेंस को शामिल किया जाएगा।मरीजों को सरकारी या निजी एंबुलेंस में से अपनी पसंद के अनुसार चयन करने का विकल्प भी मिलेगा। इससे आपात स्थिति में एंबुलेंस की उपलब्धता और सेवा के विकल्प बढ़ेंगे।



स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि इस वर्ष के अंत तक नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू कर दिया जाए। इससे पहले निजी एंबुलेंस की मैपिंग पूरी करने और 102 व 112 सेवा से उन्हें जोड़ने की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिहार में आपातकालीन परिवहन सेवाओं की पहुंच बढ़ने, ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को राहत मिलने और एंबुलेंस किराये में पारदर्शिता आने की उम्मीद है।