BIHAR NEWS : बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने और उसके बाद दिल्ली में हुई राजनीतिक गतिविधियों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। इसी बीच यह खबर सामने आ रही है कि उनके साथ ही आज उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी पटना लौट रहे हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
सूत्रों के अनुसार दिल्ली में एनडीए गठबंधन के शीर्ष नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण बैठकें हुईं, जिनमें बिहार का अगला सीएम कौन होगा वह फाइनल कर दिया गया है। इस बैठक में भाजपा शीर्ष नेतृत्व के तरफ से बिहार का अगला सीएम सम्राट चौधरी ही होंगे यह तय किया गया है। हालांकि किसी ने आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है। लेकिन बिहार आने के बाद जल्द ही इसका आधिकारिक एलान कर दिया जाएगा। इसके साथ ही 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी हो रही है।
सम्राट चौधरी बिहार के एक प्रमुख भाजपा नेता और वर्तमान उपमुख्यमंत्री (जनवरी 2024 से) हैं, जो मुंगेर के लखनपुर से आते हैं। शकुनी चौधरी के पुत्र, वे RJD/JDU से होते हुए भाजपा में आए और ओबीसी (कोइरी) वोट बैंक के कद्दावर नेता माने जाते हैं। उन्होंने तारापुर से 2025 में विधायक निर्वाचित होकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभाई है।
इन्होंने 1990 का दशक में राजनीति में प्रवेश किया उसके बाद 1999 में राबड़ी देवी सरकार में मंत्री बने। उसके बाद जेडीयू में शामिल हुए उसके बाद 2014 में भाजपा में शामिल हुए। 2018-2023: बिहार भाजपा में उपाध्यक्ष और विधान परिषद के सदस्य (MLC) के रूप में कार्य किया। फिर 2023 में भाजपा बिहार राज्य इकाई के अध्यक्ष बने। उसके उपरांत 2024 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बने।
सम्राट चौधरी की खूबियां
सम्राट चौधरी की प्रशासनिक व्यवस्था, विकास कार्यों की समझ और राजनीतिक संतुलन साधने की क्षमता उन्हें अन्य संभावित उम्मीदवारों की तुलना में एक मजबूत दावेदार बनाती है। वे कोइरी (कुशवाहा) समुदाय से आते हैं, जो बिहार के जातीय समीकरण में एक प्रभावशाली ओबीसी समूह माना जाता है।
बिहार की राजनीति में लंबे समय से ‘लव-कुश’ सामाजिक समीकरण की अहम भूमिका रही है, और इस पृष्ठभूमि में उनकी उम्मीदवारी इस सामाजिक गठजोड़ में बीजेपी की पकड़ को और मजबूत करने वाली मानी जा रही है।