PATNA: एनडीए के सहयोगी दल जेडीयू के 2 प्रत्याशी को हराकर एमएलसी बने दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों को भाजपा ने अपनी पार्टी में शामिल करा लिया है। बीजेपी के इस कदम से विपक्ष भी हैरान है। आरजेडी ने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान से खेलती है। अपने बल का एहसास कराती है।


दरअसल बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तिरहुत स्नातक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय जीत दर्ज करने वाले दो नवनिर्वाचित एमएलसी बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज को भाजपा ने अपनी पार्टी में शामिल करा लिया है।


बंशीधर ब्रजवासी ने तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की, जबकि राहुल राज सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव जीते। अभी दोनों ने शपथ भी नहीं लिया और बीजेपी का दामन थाम लिये। 


MLC चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों के रूप में जीत दर्ज करने के बाद दोनों का अचानक बीजेपी में शामिल होना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। इस घटनाक्रम से जेडीयू खेमे में भी हैरानी बताई जा रही है। वही विपक्ष को बैठे बिठाये बीजेपी को घेरने का एक मौका मिल गया। आरजेडी नेता शक्ति यादव ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला। कहा कि भाजपा संविधान से खेलती है, यह बात कोई नहीं है। बिहार में दो निर्दलीय जीते एक शिक्षक तो दूसरे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीते। अभी दोनों शपथ भी नहीं लिये लेकिन भाजपा ने अपना पर्चा काट दिया। दोनों को पार्टी में शामिल करा दिया और पट्टा भी पहना दिया। 


शक्ति यादव ने आगे कहा कि क्या संविधान इस बात की इजाजत देती है, यदि नहीं देती है तो बिना शपथ लिए दोनों निर्वाचित सदस्यों ने बीजेपी का दामन कैसे थाम लिया? यह पूरी तरह से गैर कानूनी है। इतनी हड़बड़ी भाजपा के अंदर क्यों आ गई? दो सीट पर राजद जीता, दो सीट पर बीजेपी और दो सीट पर निर्दलीय..जरा बताईये इतना भय इतना डर भाजपा के अंदर है। बीजेपी हार बर्दाश्त नहीं करती है। तोड़ जोड़ शुरू कर देती है।


इन दोनों निर्दलीय एमएलसी को भाजपा ने अपनी पार्टी में मिलाकर जेडीयू को ठेंगा दिखाने का काम किया है। दोनों जगहों पर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे। दोनों को निर्दलीय ने हराया था। जिसे भाजपा ने अपनी पार्टी में शामिल करा दिया। 


शक्ति यादव ने कहा कि मुझे पहले से ही आभास था कि भाजपा निर्दलीय को जीताने के लिए बैटिंग कर रही है। वो बात सच साबित हो गया है। जेडीयू तो समाप्त हो रही है। जेडीयू पार्टी का हाल क्या है? यह बताने की जरूरत नहीं है, JDU कई खेमों में बंटी हुई है। धीरे-धीरे जेडीयू बीजेपी के विशाल मुंह में समा कर अपने अस्तित्व को समाप्त करेगा। गैर कानूनी आचरण की संविधान भी इजाजत नहीं देता, बावजूद इसके अपने बल का भाजपा एहसास कराती है।


बता दें कि तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल करने वाले दोनों एमएलसी ने एनडीए समर्थित नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रत्याशी को हराया था। दोनों जेडीयू उम्मीदवार को हराने वाले एमएलसी ने बीजेपी का दामन थाम लिया। बीजेपी ने दोनों को अपनी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। इस दौरान बीजेपी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। 


गौरतलब है कि तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी वंशीधर ब्रजवासी ने जीत दर्ज हासिल की है। उन्होंने जेडीयू के अभिषेक झा को 9,147 वोटों के अंतर से हरा दिया। वही सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. राहुल राज ने भी जीत हालिस की है। उन्होंने भी जेडीयू के प्रत्याशी आनंद पुष्कर को 1,815 वोटों से हरा दिया है। जेडीयू के दोनों उम्मीदवारों को हराने वाले दोनों निर्दलीय प्रत्याशी को बीजेपी ने अपनी पार्टी में शामिल कर लिया है। बीजेपी के इस दांव से सहयोगी दल जेडीयू के नेता भी हैरान हैं। निर्दलीय एमएलसी इस फैसले पर चुनाव जीतने के बाद जनता से किए गए वादों और जनादेश को लेकर सवाल उठ रहे हैं।