ब्रेकिंग न्यूज़

Nitish Kumar : पटना में बढ़ा सियासी तापमान: नीतीश के समर्थन में सड़क पर JDU कार्यकर्ता, पुलिस छावनी बना CM हाउस BIHAR NEWS : 'अगर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया तो...', CM आवास के पास पहुंचे JDU कार्यकर्त्ता बोले ....कोई दो तीन लोग कैसे कुछ भी तय कर सकता है Bihar Politics : नीतीश दिल्ली गए तो बिहार में कैसे बदलेंगे पावर समीकरण? किसका क्या होगा रोल Bihar News : नीतीश कुमार के बेटे की राजनीति में एंट्री तय? कौन हैं बिहार के होने वाले डिप्टी सीएम निशांत Bihar Politics : बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव: नीतीश कुमार राज्यसभा जाएंगे, निशांत ज्वाइन करेंगे JDU; भाजपा से इनके मुख्यमंत्री बनने की चर्चा तेज; थोड़ी देर में शुरू होगी बैठक Bihar News: राज्यसभा चुनाव नामांकन के बीच विधान परिषद की सीटों को लेकर भी चर्चा तेज, जानिए क्या है यहां का समीकरण Bihar politics : नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर “होली का मजाक”! केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बोले - नीतीश जी मुख्यमंत्री हैं Nitish Kumar: नीतीश चले दिल्ली! बिहार में कुर्सी पर 'कमल', राज्यसभा रिजल्ट के बाद नई सरकार का गठन Nitish Kumar : नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर: निर्दलीय विधायक से 10 बार बने बिहार के मुख्यमंत्री, अब राज्यसभा की तैयारी Bihar News: बिहार में कौन होगा BJP का मुख्यमंत्री? होली के बाद सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज

Bihar Police SI Exam : दारोगा एग्जाम में लेट पहुंची छात्रा, बाउंड्री वॉल से घुसने की कोशिश; SDM ने रोका; अब DSP ने बताया पूरा सच

मोहनिया में SI भर्ती परीक्षा के दौरान महिला अभ्यर्थी नीतू कुमारी का भाई एक्सीडेंट में घायल हुआ। देर से पहुंचने पर SDM ने प्रवेश रोका, DSP ने नियमों का हवाला देते हुए कार्रवाई की बात कही।

18-Jan-2026 12:57 PM

By First Bihar

Bihar Police SI Exam : कैमूर जिले के मोहनिया अनुमंडल में बिहार पुलिस अवर निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) भर्ती परीक्षा के दौरान एक महिला अभ्यर्थी के साथ विवादित घटना सामने आई है। परीक्षा के दौरान समयबद्धता और आपात स्थिति में नियमों की सख्ती का यह मामला अब सुर्खियों में है।


यह घटना तब सामने आई जब मोहनिया अनुमंडल के तीन विद्यालयों में चल रही एसआई भर्ती परीक्षा के लिए निर्धारित समय सुबह 8:30 से 9:30 बजे तक था। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए यह समय-सीमा तय थी, जिसके बाद किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाना था।


एक्सीडेंट के बाद पहुंची अभ्यर्थी, लेकिन प्रवेश नहीं मिला

पुलिस भर्ती परीक्षा की महिला अभ्यर्थी नीतू कुमारी (नाम परिवर्तित) ने बताया कि वह परीक्षा के लिए समय पर निकल रही थीं, लेकिन रास्ते में उनके भाई का एक्सीडेंट हो गया। गंभीर रूप से घायल भाई को पहले अस्पताल पहुंचाकर एडमिट कराया, फिर परीक्षा केंद्र के लिए निकल पाईं। इस बीच निर्धारित समय सीमा समाप्त हो चुकी थी। जब नीतू कुमारी परीक्षा केंद्र पहुंचीं, तो उन्होंने परीक्षा केंद्र की बाउंड्री वॉल से प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद उन्हें मोहनिया थाना ले जाया गया।


SDM ने नहीं दी प्रवेश की अनुमति

अभ्यर्थी का कहना है कि उन्होंने SDM से प्रवेश की अनुमति देने की अपील की, लेकिन SDM ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें प्रवेश नहीं दिया। नीतू कुमारी का कहना है कि यह एक आपात स्थिति थी और इस तरह की घटनाओं में प्रशासन को थोड़ी लचीलापन दिखाना चाहिए था। उनकी बात सुनने पर कई अभ्यर्थियों ने भी प्रशासन की सख्ती पर सवाल उठाए और कहा कि जीवन से जुड़ी आपात स्थिति में नियमों का कड़ाई से पालन करना मानवता के खिलाफ है।


DSP ने कहा- नियमों के तहत कार्रवाई होगी

मोहनिया डीएसपी प्रदीप कुमार ने इस मामले पर कहा कि महिला अभ्यर्थी निर्धारित समय के बाद अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश कर रही थी। उन्हें रोककर थाने लाया गया। यदि परीक्षा केंद्र के अधीक्षक द्वारा कोई शिकायत की जाती है, तो नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।


डीएसपी ने यह भी कहा कि परीक्षा के दौरान समय सीमा का पालन बेहद जरूरी है और किसी भी अभ्यर्थी को समय सीमा के बाद प्रवेश नहीं दिया जा सकता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि प्रशासन की भूमिका नियमों के पालन को सुनिश्चित करना है, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से हो सके।


अभ्यर्थियों में रोष, प्रशासन की सख्ती पर सवाल

इस घटना के बाद अन्य अभ्यर्थियों में भी रोष दिखा। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि आपात स्थिति में थोड़ी सहानुभूति और लचीलापन दिखाना चाहिए था। उनका कहना है कि अगर किसी की जिंदगी खतरे में हो और वह परीक्षा में देरी से पहुंचता है, तो उसे परीक्षा से बाहर करना उचित नहीं है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि समय सीमा के बाद प्रवेश देने से परीक्षा के नियम और व्यवस्था पर सवाल उठेंगे और यह अन्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा।


समयबद्धता बनाम मानवीय संवेदनशीलता

यह घटना परीक्षा में समयबद्धता और आपात स्थिति में लचीलापन के मुद्दे को उजागर करती है। जहां एक ओर नियमों का सख्ती से पालन परीक्षा की निष्पक्षता और व्यवस्था के लिए जरूरी है, वहीं दूसरी ओर मानवीय संवेदनशीलता और आपात स्थिति में सहानुभूति भी आवश्यक है। इस मामले में यह स्पष्ट है कि प्रशासन ने नियमों का कड़ाई से पालन किया, जबकि अभ्यर्थी और उनके परिवार को यह एक मानव जीवन से जुड़ी आपात स्थिति के रूप में देखना चाहिए था।


अब आगे क्या होगा?

अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक शिकायत या आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। यदि परीक्षा केंद्र के अधीक्षक द्वारा शिकायत की जाती है, तो DSP ने कहा है कि नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि क्या आपात परिस्थितियों में परीक्षा के नियमों में कुछ लचीलापन होना चाहिए, या समय सीमा का सख्ती से पालन ही सर्वोपरि है।