Bihar Police News: बिहार में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। राज्य के 425 अधिक अपराध वाले थानों में अब केवल इंस्पेक्टर (पुलिस निरीक्षक) स्तर के अधिकारियों को ही थानाध्यक्ष बनाया जाएगा। इन अधिकारियों को अंचल निरीक्षक (सर्किल इंस्पेक्टर) की शक्तियां भी प्राप्त होंगी, जबकि उनके अधीन अनुसंधान और विधि-व्यवस्था की अलग-अलग इकाइयां कार्य करेंगी।
इस संबंध में बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने सोमवार को आदेश जारी कर दिया। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि इस कदम से राज्य की कानून-व्यवस्था और अनुसंधान प्रणाली को आधुनिक एवं अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
वर्तमान में बिहार में कुल 1382 थाने हैं। पुलिस मुख्यालय के संज्ञान में यह बात आई थी कि कई बड़े और संवेदनशील थानों में इंस्पेक्टर के बजाय दारोगा को थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। इनमें पटना जिले के कई महत्वपूर्ण थाने भी शामिल थे। इसी माह सभी जिलों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई थी।
समीक्षा के बाद पुलिस मुख्यालय ने इंस्पेक्टर के नियंत्रण वाले थानों की संख्या लगभग दोगुनी कर दी है। पहले राज्य में केवल 208 थाने ऐसे थे, जहां इंस्पेक्टर को ही थानाध्यक्ष बनाया जा सकता था। अब 217 अतिरिक्त थानों को सामान्य श्रेणी में उत्क्रमित कर दिया गया है।
नए शामिल किए गए 217 थानों का चयन उनके क्षेत्रफल, अपराध की संवेदनशीलता और प्रतिवर्ष दर्ज होने वाले मामलों की संख्या के आधार पर किया गया है। ऐसे थानों में औसतन हर वर्ष कम-से- कम 350 आपराधिक मामले दर्ज होते हैं।
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि इन सभी थानों में पुलिस निरीक्षक स्तर के अधिकारियों की ही थानाध्यक्ष के रूप में नियुक्ति की जाएगी। साथ ही इस व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी सभी जिलों को जारी किए गए हैं।