Bihar Police News: बिहार पुलिस वर्ष 2027 तक करीब डेढ़ लाख कर्मियों का बल बन जाएगी। अगले साल तक पुलिस विभाग में करीब 40 हजार नए सिपाहियों के शामिल होने की उम्मीद है। इससे राज्य में पुलिस-पब्लिक अनुपात में सुधार होगा और पुलिस बल को पहले की तुलना में अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।
वर्तमान में बिहार पुलिस में करीब 1 लाख 21 हजार पुलिसकर्मी हैं। इसी महीने अगस्त में 19 हजार 596 सिपाहियों का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इसके अलावा करीब 20 हजार नए सिपाहियों की बहाली की प्रक्रिया भी जारी है। इस तरह वर्ष 2027 के अंत तक पुलिस बल में करीब 40 हजार सिपाहियों की सीधी बढ़ोतरी हो सकती है।
नए सिपाहियों की नियुक्ति से राज्य में पुलिस-पब्लिक अनुपात में भी सुधार होगा। वर्तमान में राष्ट्रीय स्तर पर प्रति एक लाख आबादी पर औसतन 153 पुलिसकर्मी हैं, जबकि बिहार में यह आंकड़ा करीब 80 पुलिसकर्मियों का है। डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि बिहार पुलिस को हर स्तर पर सशक्त बनाने की कवायद चल रही है। नए सिपाहियों की भर्ती के साथ उन्हें बेहतर और आधुनिक स्तर का प्रशिक्षण देने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, वर्तमान में 19 हजार 596 सिपाहियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें 16 हजार 656 जिला पुलिस के सिपाही और 2 हजार 940 बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बी-सैप) के सिपाही शामिल हैं। सिपाहियों को राज्य के 30 जिलास्तरीय पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों के अलावा बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के प्रशिक्षण केंद्रों में भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही डुमरांव स्थित एमपीटीसी तथा चंदौली, मोकामा घाट और सिलीगुड़ी स्थित सीआरपीएफ प्रशिक्षण केंद्रों में भी प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा बगहा, वीरपुर, बथनाहां और सुपौल स्थित एसएसबी प्रशिक्षण केंद्रों में भी सिपाहियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सभी प्रशिक्षण संस्थानों में महिला और पुरुष प्रशिक्षुओं के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशिक्षण के दौरान सिपाहियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी जा रही है। इसमें योग, पीटी, यूएसी, विभिन्न बाधाओं से निपटने का प्रशिक्षण, बिना हथियार के ड्रिल, हथियार के साथ ड्रिल और दंगा निरोधी ड्रिल शामिल हैं।
इसके अलावा विभिन्न प्रकार के हथियारों का संचालन, फायरिंग, प्राथमिक उपचार, विस्फोटक पदार्थों की जानकारी और मैप रीडिंग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। सिपाहियों को भारतीय न्याय संहिता, लघु अधिनियम, बिहार पुलिस हस्तक, आधुनिक भारत में पुलिस की भूमिका एवं पुलिस संगठन, पुलिस संचार और आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल की जानकारी भी दी जा रही है। इसके साथ ही यातायात तथा सूचना एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े मॉड्यूल की भी पढ़ाई कराई जा रही है।