Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ बिहार पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक 12 कंटेंट क्रिएटर्स के विरुद्ध पटना साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का आरोप है कि इन लोगों ने अफवाह फैलाकर सामाजिक वैमनस्य पैदा करने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार, फेसबुक, एक्स (X) और इंस्टाग्राम समेत 50 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की गई है, जिनके माध्यम से आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री साझा की जा रही थी। इनमें से कई सोशल मीडिया आईडी और आपत्तिजनक पोस्ट हटवाए जा चुके हैं। साथ ही पुलिस मुख्यालय स्तर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लगातार निगरानी की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एक सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ कथित रूप से अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया था। आरोपी ने हाथ में हथियार के साथ अपनी तस्वीर भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। इस मामले में उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस तकनीकी जांच और लगातार छापेमारी कर रही है। हालांकि, अब तक उसकी सटीक लोकेशन का पता नहीं चल पाया है।
बिहार पुलिस का कहना है कि कार्रवाई केवल उन सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ की जा रही है, जो भ्रामक, भड़काऊ या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री प्रसारित कर रहे हैं। ऐसे सभी अकाउंट्स की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
वहीं, भोजपुर पुलिस भी सोशल मीडिया पर सक्रिय निगरानी बनाए हुए है। कंटेंट क्रिएटर्स द्वारा प्रसारित भ्रामक दावों का तत्काल तथ्यात्मक खंडन किया जा रहा है। हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया था कि भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद पुलिस टीम पर हमला किया गया। भोजपुर पुलिस ने इस दावे को गलत बताते हुए आधिकारिक रूप से इसका खंडन किया।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट, भ्रामक या भड़काऊ जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें।