Bihar Police News: बिहार सरकार ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। राज्य की सभी 40 पुलिस लाइनों में स्कूल और अस्पताल खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय से विस्तृत प्रस्ताव मांगा है। प्रस्ताव मिलते ही इस योजना पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा।
यह जानकारी गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित दिवंगत पुलिसकर्मियों के आश्रितों के बीच बीमा राशि वितरण कार्यक्रम के दौरान दी। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार पुलिसकर्मियों के कल्याण और उनके परिवारों की सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए राज्य स्तर पर उच्चस्तरीय विद्यालय खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन स्कूलों की क्षमता करीब एक हजार बच्चों की होगी, ताकि पुलिस परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि जिलों में मौजूद पुलिस अस्पतालों को चिह्नित कर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का दर्जा देने का प्रस्ताव है। इससे पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि पहले दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिवारों को कम आर्थिक सहायता मिलती थी, लेकिन अब यह राशि बढ़कर लगभग 2 करोड़ 30 लाख रुपये तक पहुंच गई है। साथ ही 900 से अधिक लंबित मेडिकल क्लेम का निपटारा किया गया है। सरकार कैशलेस मेडिकल स्कीम लागू करने पर भी विचार कर रही है।
इसके अलावा गंभीर रूप से बीमार पुलिसकर्मियों के लिए स्थानांतरण की नई व्यवस्था पर भी विचार चल रहा है, जिसके तहत उन्हें तीन महीने के भीतर सुविधाजनक स्थान पर ट्रांसफर दिया जाएगा। डीजीपी ने कहा कि पुलिस कल्याण के लिए किए जा रहे इन बड़े फैसलों से पुलिस एसोसिएशन से जुड़े कई मुद्दों का समाधान स्वतः हो जाएगा।