पटना: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिहार पुलिस के लिए गौरव का क्षण है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से बिहार पुलिस के अधिकारियों और कर्मियों को कुल 18 पुलिस पदक दिए जाने की घोषणा की गई है। इनमें वीरता, विशिष्ट सेवा और सराहनीय सेवा के लिए अलग-अलग पदक शामिल हैं। पुलिस सेवा में उत्कृष्ट योगदान और कर्तव्यनिष्ठा के लिए चयनित अधिकारियों और जवानों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।

इस बार बिहार पुलिस के इंस्पेक्टर मोहम्मद अफसर हुसैन को गैलंट्री मेडल यानी वीरता पदक के लिए चुना गया है। वहीं आईजी संजय कुमार और एसपी बीना कुमारी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा 15 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक देने की घोषणा की गई है।

तीन श्रेणियों में मिला सम्मान

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से पुलिस पदकों की घोषणा हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर की जाती है। इसका उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के उल्लेखनीय कार्य, साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और लंबे समय तक उत्कृष्ट सेवा को सम्मानित करना है।बिहार के लिए इस वर्ष की सूची में एक गैलंट्री मेडल, दो विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और 15 सराहनीय सेवा पदक शामिल हैं। इस तरह राज्य के कुल 18 पुलिसकर्मी और अधिकारी इस सम्मान के लिए चुने गए हैं।पिछले वर्ष यानी 2025 में बिहार पुलिस को कुल 15 पुलिस पदक मिले थे। इस लिहाज से इस वर्ष पदकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

15 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक

सराहनीय सेवा पदक के लिए बिहार पुलिस के 15 अधिकारियों और कर्मियों का चयन किया गया है। इनमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से लेकर इंस्पेक्टर, एसआई, एएसआई, हवलदार और कांस्टेबल स्तर के पुलिसकर्मी शामिल हैं। सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में डीआईजी राकेश कुमार सिन्हा और एसपी इम्तियाज अहमद भी शामिल हैं। इनके अलावा पुलिस विभाग के कई अन्य अधिकारियों और जवानों को भी लंबे समय तक बेहतर सेवा देने के लिए सम्मानित किया जाएगा।

सराहनीय सेवा पदक पाने वाले अधिकारियों और कर्मियों की सूची इस प्रकार है—

डीएसपी के रूप में शुरू हुआ था राकेश कुमार सिन्हा का पुलिस करियर

सराहनीय सेवा पदक पाने वाले वरिष्ठ अधिकारियों में डीआईजी राकेश कुमार सिन्हा का नाम भी शामिल है। उन्होंने वर्ष 1999 में डीएसपी के रूप में पुलिस सेवा की शुरुआत की थी। इसके बाद वर्ष 2001 में उन्हें झारखंड के दुमका में पहली पोस्टिंग मिली।

करीब तीन दशक के पुलिस करियर में राकेश कुमार सिन्हा ने अलग-अलग जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। पुलिस सेवा के दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, गंभीर मामलों की जांच और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में जिम्मेदारी निभाने का उन्हें लंबा अनुभव रहा है।

डीआईजी के रूप में भी उन्होंने पुलिस प्रशासन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनके लंबे और उल्लेखनीय पुलिस करियर को देखते हुए अब उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सराहनीय सेवा पदक के लिए चुना गया है।

बिहार पुलिस के लिए सम्मान का अवसर

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक साथ 18 पुलिस पदकों की घोषणा बिहार पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। खास तौर पर आईजी संजय कुमार और एसपी बीना कुमारी का विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक के लिए चयन और इंस्पेक्टर मोहम्मद अफसर हुसैन को गैलंट्री मेडल मिलना पुलिस विभाग की उपलब्धियों को दर्शाता है। वहीं, 15 पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को सराहनीय सेवा पदक दिए जाने से यह भी स्पष्ट होता है कि पुलिस विभाग में विभिन्न स्तरों पर लंबे समय से बेहतर सेवा देने वाले कर्मियों के योगदान को सम्मान दिया गया है।

पुलिस पदक केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं होता, बल्कि यह संबंधित अधिकारी और कर्मचारी की सेवा, जिम्मेदारी और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता की पहचान भी है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इन पुलिसकर्मियों को मिलने वाला सम्मान बिहार पुलिस के अन्य अधिकारियों और जवानों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगा।

इस वर्ष बिहार पुलिस को मिले 18 पदक पिछले साल के मुकाबले अधिक हैं। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस 2026 पर पुलिस विभाग के लिए यह उपलब्धि खास मानी जा रही है। वीरता से लेकर विशिष्ट और सराहनीय सेवा तक, अलग-अलग श्रेणियों में बिहार के पुलिस अधिकारियों और कर्मियों का चयन राज्य के लिए गौरव का विषय है।