Bihar News: पटना में जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों और जरूरतमंदों को दिए जाने वाले चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने चावल की खराब गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि चावल इतना खराब है कि कबूतर भी नहीं खाता, तो आम आदमी क्या खाएगा। उन्होंने अधिकारियों को राशन की गुणवत्ता की गंभीरता से जांच करने का निर्देश दिया।




मंत्री लखेंद्र पासवान ने यह मुद्दा मंगलवार को मुख्य सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में उठाया। बैठक की अध्यक्षता खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने की। इस दौरान पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।




बैठक में लखेंद्र पासवान ने कहा कि जन वितरण प्रणाली के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि पात्र लाभुकों को अच्छी गुणवत्ता का अनाज मिले। उन्होंने अधिकारियों से चावल की गुणवत्ता की जांच कराने और इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा।




मंत्री ने स्पष्ट किया कि राशन की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे सीधे गरीब परिवारों के हित जुड़े हैं। उन्होंने अधिकारियों को खाद्यान्न की गुणवत्ता की निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में जन वितरण प्रणाली के तहत बांटे जा रहे खाद्यान्न की गुणवत्ता की जांच के साथ-साथ राशन वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के मुद्दों पर भी चर्चा हुई।




बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही और पात्र लोगों तक पहुंचे। साथ ही, लाभुकों को मिलने वाले राशन की गुणवत्ता की निगरानी की जाए, ताकि सरकारी व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही न हो और गरीब परिवारों को उनके अधिकार के अनुसार खाद्यान्न मिल सके।

रिपोर्ट- नीतीश कुमार, पटना