Bihar Panchayat Election 2026 : बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव से पहले पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को परिसीमन से जुड़ी ऑनलाइन प्रविष्टियां समय पर पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके लिए जिला और प्रखंड स्तर पर अधिकारियों के साथ तकनीकी टीमों को भी जिम्मेदारी दी गई है।

परिसीमन की प्रक्रिया में पंचायत मुख्यालय, राजस्व ग्राम और संबंधित क्षेत्रों से जुड़ी जरूरी जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जा रही है। आयोग के निर्देश के अनुसार यह पूरा विवरण 1991 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर तैयार किया जाएगा।

पंचायत चुनाव से पहले क्यों जरूरी है परिसीमन?

पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से पहले पंचायत क्षेत्रों की सीमाओं और उनसे जुड़े राजस्व ग्रामों की जानकारी को व्यवस्थित करना जरूरी होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने ऑनलाइन परिसीमन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है।

इस प्रक्रिया के तहत संबंधित पंचायतों के मुख्यालय, राजस्व ग्राम और उनके क्षेत्र से जुड़ी जानकारी को निर्धारित पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ऑनलाइन एंट्री के दौरान उपलब्ध रिकॉर्ड और आंकड़ों की अच्छी तरह जांच कर ही जानकारी अपलोड करें।

अधिकारियों और तकनीकी टीमों को दिया गया प्रशिक्षण

परिसीमन की ऑनलाइन प्रक्रिया को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिलों की तकनीकी टीमों के अलावा प्रखंड विकास पदाधिकारी और उनकी तकनीकी टीमों ने हिस्सा लिया।प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को पोर्टल पर लॉगिन करने, पदाधिकारियों की जानकारी दर्ज करने और जनगणना से जुड़े आंकड़ों के आधार पर परिसीमन का विवरण ऑनलाइन अपलोड करने की प्रक्रिया समझाई गई।अधिकारियों को यह भी बताया गया कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित यूजर मैनुअल के अनुसार ही पूरी की जाए, ताकि ऑनलाइन डेटा एंट्री में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।

प्रखंड स्तर की टीमों को भी समझाई गई प्रक्रिया

जिला स्तर पर प्रखंडों की तकनीकी टीमों को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। इसके जरिए अधिकारियों को परिसीमन की ऑनलाइन प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी टीमों को पोर्टल पर आने वाली संभावित समस्याओं और उनके समाधान की जानकारी भी दी गई। साथ ही जरूरी निर्देश संबंधित आधिकारिक ग्रुप में साझा करने को कहा गया है।

प्रपत्र-2 की ऑनलाइन एंट्री शुरू

पंचायत मुख्यालय से संबंधित राजस्व ग्रामों का विवरण दर्ज करने के लिए प्रपत्र-2 की ऑनलाइन एंट्री की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। संबंधित अधिकारी अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए पोर्टल पर लॉगिन कर जानकारी दर्ज करेंगे।प्रपत्र-2 में दर्ज होने वाली जानकारी पंचायत परिसीमन की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। इसलिए अधिकारियों को एंट्री करते समय विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

तकनीकी समस्या आने पर आयोग को दें सूचना

राज्य निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऑनलाइन एंट्री के दौरान यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है तो इसकी जानकारी तुरंत आयोग को दी जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तकनीकी कारणों से परिसीमन की प्रक्रिया प्रभावित न हो।आयोग की ओर से जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों के बीच समन्वय बनाकर काम पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

चुनावी तैयारियों के अगले चरण का रास्ता होगा साफ

पंचायत परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगामी पंचायत चुनाव से जुड़ी तैयारियों को आगे बढ़ाने में आसानी होगी। फिलहाल प्रशासन का फोकस पंचायत मुख्यालय और राजस्व ग्रामों से संबंधित आंकड़ों को व्यवस्थित तरीके से ऑनलाइन दर्ज करने पर है।

आगामी पंचायत चुनाव को देखते हुए गांवों में भी चुनावी गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ने लगी हैं। संभावित प्रत्याशियों और ग्रामीणों की नजर अब परिसीमन की प्रक्रिया पर है। प्रशासनिक स्तर पर ऑनलाइन डेटा तैयार होने के बाद चुनाव से जुड़ी अगली प्रक्रियाओं को गति मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, बिहार पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन की प्रक्रिया अब डिजिटल तरीके से आगे बढ़ रही है। जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक अधिकारी और तकनीकी टीमें इस काम में जुटी हैं। आयोग की कोशिश है कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी हो, जिससे पंचायत चुनाव की तैयारियों को समय पर अगले चरण में ले जाया जा सके।